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Balrampur News: बेमौसम बारिश से किसानों की बढ़ी चिंता, खेतों में भीगी फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:11 PM IST
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फोटो-23- बलरामपुर के पेहर बाजार में हवा चलने से गिरी गेहूं की फसल। संवाद
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बलरामपुर। कटाई के बीच हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार रात से हुई बूंदाबांदी और बढ़ी नमी के कारण खेतों में कटी पड़ी गेहूं, मसूर व सरसों की फसल भीग गई। इससे कटाई-मड़ाई का काम ठप हो गया है और उत्पादन के साथ गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
उतरौला क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की फसल कटकर खेतों में पड़ी थी, जो बारिश से भीग गई। नमी के चलते बुधवार को मड़ाई पूरी तरह बंद रही। किसान शब्बीर ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज के कारण किसान जल्दबाजी में कंबाइन मशीन से कटाई करा रहे हैं। किसान राजमणि ने कहा कि फसल को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लगातार नमी से दिक्कत बढ़ रही है।
कंबाइन से कटाई बढ़ने के कारण पशुओं के लिए भूसे का संकट भी गहराने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही रहा तो बाहर से चारा खरीदना पड़ेगा, जिससे लागत बढ़ेगी।
पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के नैकिनिया, बेली, मदरहवा और प्रेमनगर गांवों में खेतों में बंधी गेहूं की पूलियां और मसूर की ढेरियां भीग गईं। ग्राम बेली निवासी रामसहाय ने बताया कि कटाई के बाद फसल खेत में ही रखी थी, लेकिन बारिश से नुकसान हो गया। मदरहवा के किसान चंद्रभान सिंह ने कहा कि कटी फसल के भीगने से नुकसान तय है।
रेहराबाजार क्षेत्र में भी बूंदाबांदी से गेहूं की कटी फसल प्रभावित हुई। किसान शब्बीर, नवादीन, दिनेश कुमार और रामदास ने बताया कि कटाई-मड़ाई का काम रुक गया है और यदि बारिश जारी रही तो भारी नुकसान हो सकता है। किसानों के अनुसार नमी बढ़ने से गेहूं के दाने काले पड़ने व अंकुरित होने का खतरा है, जबकि मसूर व सरसों की फलियां खराब हो सकती हैं।
फसल को ढककर रखें
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्रनाथ खरवार ने बताया कि जिले में अधिकांश गेहूं और सरसों की कटाई हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर कार्य जारी है। उन्होंने किसानों से पकी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और कटी फसल को ढककर बचाने की अपील की है।
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उतरौला क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की फसल कटकर खेतों में पड़ी थी, जो बारिश से भीग गई। नमी के चलते बुधवार को मड़ाई पूरी तरह बंद रही। किसान शब्बीर ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज के कारण किसान जल्दबाजी में कंबाइन मशीन से कटाई करा रहे हैं। किसान राजमणि ने कहा कि फसल को सुरक्षित रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन लगातार नमी से दिक्कत बढ़ रही है।
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कंबाइन से कटाई बढ़ने के कारण पशुओं के लिए भूसे का संकट भी गहराने लगा है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम ऐसा ही रहा तो बाहर से चारा खरीदना पड़ेगा, जिससे लागत बढ़ेगी।
पिपरहवा चौराहा क्षेत्र के नैकिनिया, बेली, मदरहवा और प्रेमनगर गांवों में खेतों में बंधी गेहूं की पूलियां और मसूर की ढेरियां भीग गईं। ग्राम बेली निवासी रामसहाय ने बताया कि कटाई के बाद फसल खेत में ही रखी थी, लेकिन बारिश से नुकसान हो गया। मदरहवा के किसान चंद्रभान सिंह ने कहा कि कटी फसल के भीगने से नुकसान तय है।
रेहराबाजार क्षेत्र में भी बूंदाबांदी से गेहूं की कटी फसल प्रभावित हुई। किसान शब्बीर, नवादीन, दिनेश कुमार और रामदास ने बताया कि कटाई-मड़ाई का काम रुक गया है और यदि बारिश जारी रही तो भारी नुकसान हो सकता है। किसानों के अनुसार नमी बढ़ने से गेहूं के दाने काले पड़ने व अंकुरित होने का खतरा है, जबकि मसूर व सरसों की फलियां खराब हो सकती हैं।
फसल को ढककर रखें
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्रनाथ खरवार ने बताया कि जिले में अधिकांश गेहूं और सरसों की कटाई हो चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर कार्य जारी है। उन्होंने किसानों से पकी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और कटी फसल को ढककर बचाने की अपील की है।

फोटो-23- बलरामपुर के पेहर बाजार में हवा चलने से गिरी गेहूं की फसल। संवाद