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Banda News: गैर इरादतन हत्या में अधिवक्ता व उसकी पत्नी और साले को सात-सात वर्ष का कारावास
Wed, 27 May 2026 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 27 May 2026 01:00 AM IST
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बांदा। बीए द्वितीय वर्ष के छात्र को मारपीट करने पर उसे गंभीर चोटें आ जाने के कारण अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर तीनों को तीन-तीन माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला इंदिरा नगर निवासी रामविशाल साहू ने 16 दिसंबर 2012 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसका भाई रामबाबू बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह मोहल्ला शांतिनगर में अधिवक्ता चुनकावन के यहां उसकी पुत्री को ट्यूशन पढ़ाने का कार्य करता था। घटना के समय अधिवक्ता चुनकावन व उसकी पत्नी माया देवी घर में नहीं थे। अचानक वह दोनों अपने घर पहुंचे तो उन्होंने आपत्तिजनक स्थिति पर रामबाबू व अपनी पुत्री को देखने पर आग बबूला हो गए। इस पर उन्होंने अपने साले बिसंडा थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गुलाब कोरी के साथ मिलकर रामबाबू को बुरी तरह से लाठी डंडों से पीटकर मरणासन्न अवस्था में सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने इस मामले का आरोप पत्र 22 मार्च 2013 को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। वहीं अभियुक्तगण की ओर से दो गवाह सफाई के तौर पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने चुनकावन, उसकी पत्नी माया देवी व साले गुलाब को दोषी करार देते हुए सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
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विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि कोतवाली नगर क्षेत्र के मोहल्ला इंदिरा नगर निवासी रामविशाल साहू ने 16 दिसंबर 2012 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसका भाई रामबाबू बीए द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह मोहल्ला शांतिनगर में अधिवक्ता चुनकावन के यहां उसकी पुत्री को ट्यूशन पढ़ाने का कार्य करता था। घटना के समय अधिवक्ता चुनकावन व उसकी पत्नी माया देवी घर में नहीं थे। अचानक वह दोनों अपने घर पहुंचे तो उन्होंने आपत्तिजनक स्थिति पर रामबाबू व अपनी पुत्री को देखने पर आग बबूला हो गए। इस पर उन्होंने अपने साले बिसंडा थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी गुलाब कोरी के साथ मिलकर रामबाबू को बुरी तरह से लाठी डंडों से पीटकर मरणासन्न अवस्था में सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने रामबाबू को मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने इस मामले का आरोप पत्र 22 मार्च 2013 को अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। वहीं अभियुक्तगण की ओर से दो गवाह सफाई के तौर पेश किए गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों व अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने चुनकावन, उसकी पत्नी माया देवी व साले गुलाब को दोषी करार देते हुए सजा व जुर्माने से दंडित किया है।
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