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Banda News: मौत का एक्सप्रेसवे बना बुंदेलखंड, अब तक हुईं 125 मौतें
Sat, 16 May 2026 12:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 16 May 2026 12:44 AM IST
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फोटो - 25 बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर बीते बृहस्पतिवार को हुए हादसे को देखने पहुंचे लोग। संवाद
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बांदा। चार वर्ष पहले 16 जुलाई 2022 को जिस बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण विकास और सुरक्षित सफर के बड़े दावों के साथ किया गया था, वही एक्सप्रेसवे अब लगातार हो रहे हादसों के चलते सवालों के घेरे में है। इन वर्षों के भीतर इस हाईस्पीड कॉरिडोर पर छोटे-बड़े हादसों में लगभग 125 लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन हादसों की सबसे बड़ी वजह बन रही ओवरस्पीडिंग पर लगाम लगाने के लिए अब तक न स्पीड डिटेक्शन कैमरे लगाए गए और न ही एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम शुरू हो सका।
हर बड़े हादसे के बाद जांच में लगभग एक जैसी वजह सामने आती रही, तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार न होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर जब एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं तो उनकी निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक नहीं लगाई गई। यदि कैमरे और स्वचालित चालान व्यवस्था होती तो मौतें रोकी जा सकती थीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईस्पीड कॉरिडोर पर स्पीड डिटेक्शन कैमरे और एएनपीआर सिस्टम बेहद जरूरी होते हैं। इनके जरिए ओवरस्पीड वाहनों की पहचान कर तत्काल चालान और कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा ड्राइवर रेस्ट जोन, फ्लैश अलर्ट सिस्टम, रंबल स्ट्रिप और लगातार पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं भी हादसे कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हुए कुछ बड़े हादसे
जुलाई 2022 : जालौन जिले के सलेमपुर (छिरिया) में एक्सप्रेसवे का एक भू-भाग धंस गया था। जिसमें रात के दौरान दो कार और एक मोटरसाइकिल हादसे के शिकार हुई थी। जिसमें कई आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
दिसंबर 2023 : जालौन के कैथेरी टोल प्लाजा के पास डंपर व लोडर की टक्कर हुई थी। जिसमें मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई थी और सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
फरवरी 2025 : राजस्थान से प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बांदा में पीछे से आई तेज रफ्तार सफारी कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
दिसंबर 2025 : बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हमीरपुर के इचौली गांव के पास मां की अस्थियों को संगम में विसर्जित करने प्रयागराज जा रहे एक ही परिवार के लोगों से भरी बोलेरो कार को बस ने टक्कर मार दी। जिसमें तीन सगे भाइयों समेत एक चचेरे भाई की हादसे में जान चली गई और अन्य परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जनवरी 2026 : औरैया जिले के 252 किमी के पास घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य होने के चलते आधा दर्जन ट्रक और ट्रेलर आपस में टकरा गए। हालांकि इस हादसे में किसी की जान तो नहीं गई पर दो लोग गंभीर रूप से घायल जरूर हुए।
मई 2026 : बांदा में बीते 14 मई को एक तेज रफ्तार स्कार्पियो आगे चल रहे डीसीएम से टकरा गई। जिसमें मां-बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसी परिवार की एक युवती कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में जीवन-मौत से जंग लड़ रही है।
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स्पीड डिटेक्शन और एएनपीआर कैमरे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट तय कर ओवर स्पीड वाले वाहनों पर सख्ती की जाएगी।
- कमलेश कुमार, यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के प्रोजेक्ट मैनेजर
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हर बड़े हादसे के बाद जांच में लगभग एक जैसी वजह सामने आती रही, तेज रफ्तार और चालक को झपकी आना। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजामों में अपेक्षित सुधार न होना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर जब एक्सप्रेसवे पर वाहन 100 से 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ते हैं तो उनकी निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक नहीं लगाई गई। यदि कैमरे और स्वचालित चालान व्यवस्था होती तो मौतें रोकी जा सकती थीं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि हाईस्पीड कॉरिडोर पर स्पीड डिटेक्शन कैमरे और एएनपीआर सिस्टम बेहद जरूरी होते हैं। इनके जरिए ओवरस्पीड वाहनों की पहचान कर तत्काल चालान और कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा ड्राइवर रेस्ट जोन, फ्लैश अलर्ट सिस्टम, रंबल स्ट्रिप और लगातार पेट्रोलिंग जैसी व्यवस्थाएं भी हादसे कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं।
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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर हुए कुछ बड़े हादसे
जुलाई 2022 : जालौन जिले के सलेमपुर (छिरिया) में एक्सप्रेसवे का एक भू-भाग धंस गया था। जिसमें रात के दौरान दो कार और एक मोटरसाइकिल हादसे के शिकार हुई थी। जिसमें कई आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
दिसंबर 2023 : जालौन के कैथेरी टोल प्लाजा के पास डंपर व लोडर की टक्कर हुई थी। जिसमें मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई थी और सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
फरवरी 2025 : राजस्थान से प्रयागराज महाकुंभ स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं से भरी गाड़ी को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बांदा में पीछे से आई तेज रफ्तार सफारी कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
दिसंबर 2025 : बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हमीरपुर के इचौली गांव के पास मां की अस्थियों को संगम में विसर्जित करने प्रयागराज जा रहे एक ही परिवार के लोगों से भरी बोलेरो कार को बस ने टक्कर मार दी। जिसमें तीन सगे भाइयों समेत एक चचेरे भाई की हादसे में जान चली गई और अन्य परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जनवरी 2026 : औरैया जिले के 252 किमी के पास घने कोहरे के कारण दृश्यता शून्य होने के चलते आधा दर्जन ट्रक और ट्रेलर आपस में टकरा गए। हालांकि इस हादसे में किसी की जान तो नहीं गई पर दो लोग गंभीर रूप से घायल जरूर हुए।
मई 2026 : बांदा में बीते 14 मई को एक तेज रफ्तार स्कार्पियो आगे चल रहे डीसीएम से टकरा गई। जिसमें मां-बेटे समेत एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। वहीं उसी परिवार की एक युवती कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में आईसीयू में जीवन-मौत से जंग लड़ रही है।
स्पीड डिटेक्शन और एएनपीआर कैमरे लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की स्पीड लिमिट तय कर ओवर स्पीड वाले वाहनों पर सख्ती की जाएगी।
- कमलेश कुमार, यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) के प्रोजेक्ट मैनेजर