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Banda News: बुंदेलखंड के लाल ने ग्रीन हाउस में उगाई 45 इंच की ककड़ी
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फोटो - 11 ककड़ी की लंबाई दिखाते बच्चीलाल। संवाद
- फोटो : विद्यालय में सचिन शुक्ला को मिठाई खिलाते प्रबंधक व अन्य।
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आदित्य कुमार
अतर्रा। बुंदेलखंड की तपती धरती पर जहां गर्मी अपने चरम पर है, वहीं अतर्रा तहसील क्षेत्र के अनाथुवा ग्राम के एक कर्मचारी ने अपने घर के पीछे 600 वर्ग फीट जमीन पर ग्रीन हाउस बनाकर मिसाल कायम की है। 36 वर्षीय बच्चीलाल जो ने पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं उन्होंने कम लागत में पीली दोमट मिट्टी का उपयोग करके 45 इंच लंबी ककड़ी उगाई है। यह उपलब्धि न केवल उनकी बागवानी के प्रति लगन को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने की प्रेरणा भी देती है।
बच्चीलाल ने केवल ककड़ी पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया है, बल्कि उन्होंने अपने ग्रीन हाउस में भिंडी, लौकी, कद्दू, करेला, टमाटर, मिर्च और ड्रैगन फ्रूट जैसी अन्य सब्जियां और फल भी लगाए हैं। वे घर पर रखे पशुओं, जैसे भैंस और गाय के शुद्ध गोबर से बनी खाद का ही पौधों में छिड़काव करते हैं। बच्चीलाल ने फरवरी माह में ग्रीन हाउस में हाइब्रिड प्रजाति के ककड़ी के बीज बोए थे।
उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को उन्होंने पहली बार नाप लिया तो ककड़ी 32 इंच की थी। केवल पांच दिन बाद यह बढ़कर 43 इंच हो गई और वर्तमान में शुक्रवार को यह 45 इंच से ऊपर पहुंच चुकी है। पिछले कुछ दिनों में यह ककड़ी प्रतिदिन एक से डेढ़ इंच बढ़ रही थी, हालांकि अब इसकी वृद्धि दर थोड़ी धीमी हो गई है। बच्चीलाल ने बताया कि यह ककड़ी मात्र 15 से 17 दिनों में 45 इंच के पार पहुंच गई। इस ग्रीन हाउस को तैयार करने में बच्चीलाल को लगभग पांच से छह हजार रुपये की लागत आई है। बच्चीलाल ने पिछले वर्ष भी 100 गमलों में सब्जियां और बैंगन उगाए थे, जिसमें उन्होंने पानी की मात्रा को भी कम रखा था।
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अतर्रा। बुंदेलखंड की तपती धरती पर जहां गर्मी अपने चरम पर है, वहीं अतर्रा तहसील क्षेत्र के अनाथुवा ग्राम के एक कर्मचारी ने अपने घर के पीछे 600 वर्ग फीट जमीन पर ग्रीन हाउस बनाकर मिसाल कायम की है। 36 वर्षीय बच्चीलाल जो ने पीडब्ल्यूडी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं उन्होंने कम लागत में पीली दोमट मिट्टी का उपयोग करके 45 इंच लंबी ककड़ी उगाई है। यह उपलब्धि न केवल उनकी बागवानी के प्रति लगन को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक खेती के तरीकों को अपनाने की प्रेरणा भी देती है।
बच्चीलाल ने केवल ककड़ी पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया है, बल्कि उन्होंने अपने ग्रीन हाउस में भिंडी, लौकी, कद्दू, करेला, टमाटर, मिर्च और ड्रैगन फ्रूट जैसी अन्य सब्जियां और फल भी लगाए हैं। वे घर पर रखे पशुओं, जैसे भैंस और गाय के शुद्ध गोबर से बनी खाद का ही पौधों में छिड़काव करते हैं। बच्चीलाल ने फरवरी माह में ग्रीन हाउस में हाइब्रिड प्रजाति के ककड़ी के बीज बोए थे।
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उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को उन्होंने पहली बार नाप लिया तो ककड़ी 32 इंच की थी। केवल पांच दिन बाद यह बढ़कर 43 इंच हो गई और वर्तमान में शुक्रवार को यह 45 इंच से ऊपर पहुंच चुकी है। पिछले कुछ दिनों में यह ककड़ी प्रतिदिन एक से डेढ़ इंच बढ़ रही थी, हालांकि अब इसकी वृद्धि दर थोड़ी धीमी हो गई है। बच्चीलाल ने बताया कि यह ककड़ी मात्र 15 से 17 दिनों में 45 इंच के पार पहुंच गई। इस ग्रीन हाउस को तैयार करने में बच्चीलाल को लगभग पांच से छह हजार रुपये की लागत आई है। बच्चीलाल ने पिछले वर्ष भी 100 गमलों में सब्जियां और बैंगन उगाए थे, जिसमें उन्होंने पानी की मात्रा को भी कम रखा था।
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