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Banda News: होली-रमजान से बाजार गुलजार, 200 करोड़ से अधिक के कारोबार की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Mon, 02 Mar 2026 11:45 PM IST
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फोटो - 10 दुकान में बिकने को लगी गुझिया। संवाद
- फोटो : स्ंवाद
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बांदा। होली और रमजान के त्योहारों ने जिले के बाजारों में रौनक बढ़ा दी है। शहर से लेकर गांव तक कपड़ा, रंग-अबीर, गुलाल, पिचकारी और खान-पान की वस्तुओं की खरीदारी तेज हो गई है। व्यापारियों का अनुमान है कि इस सीजन में करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो सकता है।
व्यापारियों के अनुसार होली से दो दिन पहले बाजार में भीड़ चरम पर पहुंचने लगती है। इस बार भी रेडीमेड कपड़ों, खासकर बच्चों के पारंपरिक परिधानों, कुर्ता-पायजामा, सलवार सूट और शरारा की मांग अधिक है। बच्चों के कपड़ों की कीमत 700 से 1000 रुपये तक और महिलाओं के सूट-शरारा 1000 से 3000 रुपये तक बिक रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए फ्रॉक और डिजाइनर ड्रेस भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ है। नमकीन, चिप्स, सूखा मेवा और मिठाइयों की बिक्री तेज हो गई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि खान-पान की वस्तुओं से ही करीब 65 करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। रंग-गुलाल की तुलना में इस बार खाने-पीने की चीजों की मांग ज्यादा बताई जा रही है।
उधर रेडीमेड वस्त्र व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के बाद नए कपड़े पहनने की परंपरा के कारण बिक्री बढ़ी है। बाजार में सूट और पारंपरिक कपड़ों की मांग विशेष रूप से बढ़ी है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित सेठ का कहना है कि कुल मिलाकर त्योहारों के इस सीजन ने जिले के बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है और व्यापारियों को अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। वहीं जिले में इस बार होली-रमजान पर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
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मुखौटे और पापड़ की खरीदारी में दिखी ग्राहकों की भीड़
फोटो - 8 बाजार में मुखौटा खरीदते बच्चे। संवाद
फोटो - 9 दुकान से पापड़ खरीदती महिला। संवाद
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बांदा। होली और रमजान के आते ही बाजारों में रौनक बढ़ी है। विशेष रूप से स्टेशन रोड पर स्थित दुकानों पर बच्चों और बड़ों दोनों की भीड़ देखी जा रही है, जो विभिन्न प्रकार के मुखौटे और पापड़ खरीद रहे हैं।
इस बार बाजार में मुखौटों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, जो 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की कीमतों में बिक रहे हैं। इन मुखौटों में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र राजनेता और फिल्मी हस्तियों के चेहरे वाले मुखौटे बने हुए हैं। बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इन मुखौटों को खरीदकर त्योहारों के माहौल का आनंद ले रहे हैं।
हर स्वाद में उपलब्ध है पापड़
किराना दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल कम नहीं है। विशेष रूप से आलू और साबूदाने के पापड़ की खरीदारी में तेजी देखी जा रही है। आलू के पापड़ 15 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के पैकेट में उपलब्ध हैं, जबकि साबूदाने के पापड़ 20 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की कीमतों में मिल रहे हैं। यह विविधता ग्राहकों को अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी करने का अवसर प्रदान करती है।
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व्यापारियों के अनुसार होली से दो दिन पहले बाजार में भीड़ चरम पर पहुंचने लगती है। इस बार भी रेडीमेड कपड़ों, खासकर बच्चों के पारंपरिक परिधानों, कुर्ता-पायजामा, सलवार सूट और शरारा की मांग अधिक है। बच्चों के कपड़ों की कीमत 700 से 1000 रुपये तक और महिलाओं के सूट-शरारा 1000 से 3000 रुपये तक बिक रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए फ्रॉक और डिजाइनर ड्रेस भी खूब पसंद किए जा रहे हैं।
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खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ है। नमकीन, चिप्स, सूखा मेवा और मिठाइयों की बिक्री तेज हो गई है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है कि खान-पान की वस्तुओं से ही करीब 65 करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। रंग-गुलाल की तुलना में इस बार खाने-पीने की चीजों की मांग ज्यादा बताई जा रही है।
उधर रेडीमेड वस्त्र व्यापारियों का कहना है कि त्योहार के बाद नए कपड़े पहनने की परंपरा के कारण बिक्री बढ़ी है। बाजार में सूट और पारंपरिक कपड़ों की मांग विशेष रूप से बढ़ी है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमित सेठ का कहना है कि कुल मिलाकर त्योहारों के इस सीजन ने जिले के बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है और व्यापारियों को अच्छे मुनाफे की उम्मीद है। वहीं जिले में इस बार होली-रमजान पर करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।
मुखौटे और पापड़ की खरीदारी में दिखी ग्राहकों की भीड़
फोटो - 8 बाजार में मुखौटा खरीदते बच्चे। संवाद
फोटो - 9 दुकान से पापड़ खरीदती महिला। संवाद
बांदा। होली और रमजान के आते ही बाजारों में रौनक बढ़ी है। विशेष रूप से स्टेशन रोड पर स्थित दुकानों पर बच्चों और बड़ों दोनों की भीड़ देखी जा रही है, जो विभिन्न प्रकार के मुखौटे और पापड़ खरीद रहे हैं।
इस बार बाजार में मुखौटों की एक विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, जो 50 रुपये से लेकर 300 रुपये तक की कीमतों में बिक रहे हैं। इन मुखौटों में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र राजनेता और फिल्मी हस्तियों के चेहरे वाले मुखौटे बने हुए हैं। बच्चों के साथ-साथ बड़े भी इन मुखौटों को खरीदकर त्योहारों के माहौल का आनंद ले रहे हैं।
हर स्वाद में उपलब्ध है पापड़
किराना दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल कम नहीं है। विशेष रूप से आलू और साबूदाने के पापड़ की खरीदारी में तेजी देखी जा रही है। आलू के पापड़ 15 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के पैकेट में उपलब्ध हैं, जबकि साबूदाने के पापड़ 20 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की कीमतों में मिल रहे हैं। यह विविधता ग्राहकों को अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी करने का अवसर प्रदान करती है।

फोटो - 10 दुकान में बिकने को लगी गुझिया। संवाद- फोटो : स्ंवाद

फोटो - 10 दुकान में बिकने को लगी गुझिया। संवाद- फोटो : स्ंवाद
