{"_id":"69c8317d13c29e8c240a65ca","slug":"husband-sentenced-to-seven-years-in-dowry-death-case-mother-in-law-acquitted-banda-news-c-212-1-bnd1018-143632-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा, सास बरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: दहेज हत्या में पति को सात साल की सजा, सास बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:22 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos
बांदा। दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश डकैती छोटेलाल यादव की अदालत ने शनिवार को दोषी पति जमील खां को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अन्य धाराओं में भी सजा के साथ करीब साढ़े चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। आरोपी घटना के समय से ही जेल में बंद है। इसी मामले में सह-आरोपी ससुर सहादत खां की प्राथमिकी दर्ज के दौरान मृत्यु हो गई जबकि सास जोहरा खातून को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
बदौसा थाना क्षेत्र के बगीचापुरवा निवासी शरीफ खां ने 18 सितंबर 2020 को थाना नरैनी में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी बहन सहरोजा की शादी वर्ष 2018 में नरैनी थाना क्षेत्र के कल्हरा गांव निवासी जमील खां के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति, सास और ससुर द्वारा बाइक और एक लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
मांग पूरी न होने पर सहरोजा को मारपीट कर कमरे में बंद कर दिया जाता था और खाना भी नहीं दिया जाता था। 17 सितंबर 2020 को ससुराल पक्ष से फोन कर उसकी मौत की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए कई लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अलग कर दिया और पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने 58 पृष्ठीय फैसले में पति जमील खां को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई जबकि सास को बरी कर दिया।
अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। आरोपी घटना के समय से ही जेल में बंद है। इसी मामले में सह-आरोपी ससुर सहादत खां की प्राथमिकी दर्ज के दौरान मृत्यु हो गई जबकि सास जोहरा खातून को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बदौसा थाना क्षेत्र के बगीचापुरवा निवासी शरीफ खां ने 18 सितंबर 2020 को थाना नरैनी में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उनकी बहन सहरोजा की शादी वर्ष 2018 में नरैनी थाना क्षेत्र के कल्हरा गांव निवासी जमील खां के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही पति, सास और ससुर द्वारा बाइक और एक लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।
मांग पूरी न होने पर सहरोजा को मारपीट कर कमरे में बंद कर दिया जाता था और खाना भी नहीं दिया जाता था। 17 सितंबर 2020 को ससुराल पक्ष से फोन कर उसकी मौत की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे भाई ने हत्या का आरोप लगाते हुए कई लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अलग कर दिया और पति, सास व ससुर के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने 58 पृष्ठीय फैसले में पति जमील खां को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई जबकि सास को बरी कर दिया।