{"_id":"69d7e613d2ca8be1f502607e","slug":"layers-of-corruption-worth-crores-exposed-dd-panchayat-filed-a-complaint-banda-news-c-212-1-bnd1017-144277-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: करोड़ों के भ्रष्टाचार की परतें खुलीं, डीडी पंचायत ने दी तहरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: करोड़ों के भ्रष्टाचार की परतें खुलीं, डीडी पंचायत ने दी तहरीर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूट धाम मंडल बांदा परवेज आलम खां ने भ्रष्टाचार के दो गंभीर मामलों में पुलिस अधीक्षक को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इन आरोपों में डीपीआरओ कार्यालय द्वारा आईडी और पासवर्ड के अवैध इस्तेमाल से लेकर स्वच्छ भारत मिशन के तहत आवंटित करोड़ों की राशि के गबन तक के मामले शामिल हैं।
डीडी पंचायत द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार डीपीआरओ कार्यालय ने उनकी आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर, बिना अनुमति के सीएससी (सामुदायिक सेवा केंद्र) और पीएलसी (प्रखंड स्तरीय केंद्र) निर्माण के लिए 26 लाख रुपये ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिए। जब इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह मामला शासन के धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
स्वच्छ भारत मिशन में 17.85 करोड़ के व्यय का लेखा-जोखा गायब
एक अन्य गंभीर आरोप स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2023 में मॉडल ग्राम पंचायतों के लिए आवंटित 28.52 करोड़ रुपये से संबंधित है। सत्यापन के दौरान ग्राम पंचायतों द्वारा केवल 10.67 करोड़ रुपये के बिल और वाउचर ही प्रस्तुत किए जा सके। शेष 17.85 करोड़ रुपये के व्यय का आज तक कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया है। डीडी पंचायत ने इस संबंध में कई बार डीपीआरओ से स्पष्टीकरण मांगा लेकिन आदेशों का कोई अनुपालन नहीं हुआ।
आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल के आदेशों के बावजूद इस बड़ी राशि के व्यय का विवरण आज तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। यह दर्शाता है कि डीपीआरओ कार्यालय, शासन और उच्चाधिकारियों के आदेशों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायतों को सरकारी धन के दुरुपयोग की छूट दे रहा है। इन गंभीर लापरवाही और आदेशों का अनुपालन न करने के मामलों को देखते हुए डीडी पंचायत ने डीपीआरओ का अग्रिम आदेशों तक के लिए वेतन रोक दिया है।
महिला कर्मचारियों से अभद्रता का मामला भी पहुंचा पुलिस तक
डीडी पंचायत पर डीपीआरओ कार्यालय की महिला कर्मचारियों से अभद्रता करने का भी आरोप है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि कार्यालय बंद होने के बाद भी उपनिदेशक (पंचायत) फाइलों में हस्ताक्षर के लिए उन्हें अपने आवास पर बुलाते हैं और विरोध करने पर अभद्रता करते हैं। इस गंभीर आरोप की जांच पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज को सौंपी है। एएसपी ने डीडी पंचायत को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर इस प्रकरण में अपनी पूरी आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। महिला कर्मचारियों ने भी एसपी से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
-- -- वर्जन
स्वच्छ भारत मिशन का पैसा ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। वह व्यय राशि का हिसाब नहीं दे पा रही है तो सचिवों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है। आईडी व पासवर्ड जिलाधिकारी के आदेश पर डीडी की अनुमति से इस्तेमाल किया गया था।
- राजेंद्र कुमार, प्रभारी डीपीआरओ, बांदा
-- -- --
डीपीआरओ व उनका स्टाफ मिला हुआ है। कुछ भी जानकारी मांगों तो गोलमोल उत्तर देते हैं। कार्रवाई का दबाव बनाने पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। अब महिलाओं को आगे कर दिया गया है। जांच में सब सामने आ जाएगा।
- परवेज आलम खां
उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा
Trending Videos
डीडी पंचायत द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार डीपीआरओ कार्यालय ने उनकी आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर, बिना अनुमति के सीएससी (सामुदायिक सेवा केंद्र) और पीएलसी (प्रखंड स्तरीय केंद्र) निर्माण के लिए 26 लाख रुपये ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित कर दिए। जब इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यह मामला शासन के धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वच्छ भारत मिशन में 17.85 करोड़ के व्यय का लेखा-जोखा गायब
एक अन्य गंभीर आरोप स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2023 में मॉडल ग्राम पंचायतों के लिए आवंटित 28.52 करोड़ रुपये से संबंधित है। सत्यापन के दौरान ग्राम पंचायतों द्वारा केवल 10.67 करोड़ रुपये के बिल और वाउचर ही प्रस्तुत किए जा सके। शेष 17.85 करोड़ रुपये के व्यय का आज तक कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया है। डीडी पंचायत ने इस संबंध में कई बार डीपीआरओ से स्पष्टीकरण मांगा लेकिन आदेशों का कोई अनुपालन नहीं हुआ।
आयुक्त चित्रकूटधाम मंडल के आदेशों के बावजूद इस बड़ी राशि के व्यय का विवरण आज तक प्रस्तुत नहीं किया गया है। यह दर्शाता है कि डीपीआरओ कार्यालय, शासन और उच्चाधिकारियों के आदेशों को ताक पर रखकर ग्राम पंचायतों को सरकारी धन के दुरुपयोग की छूट दे रहा है। इन गंभीर लापरवाही और आदेशों का अनुपालन न करने के मामलों को देखते हुए डीडी पंचायत ने डीपीआरओ का अग्रिम आदेशों तक के लिए वेतन रोक दिया है।
महिला कर्मचारियों से अभद्रता का मामला भी पहुंचा पुलिस तक
डीडी पंचायत पर डीपीआरओ कार्यालय की महिला कर्मचारियों से अभद्रता करने का भी आरोप है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि कार्यालय बंद होने के बाद भी उपनिदेशक (पंचायत) फाइलों में हस्ताक्षर के लिए उन्हें अपने आवास पर बुलाते हैं और विरोध करने पर अभद्रता करते हैं। इस गंभीर आरोप की जांच पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज को सौंपी है। एएसपी ने डीडी पंचायत को नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर इस प्रकरण में अपनी पूरी आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। महिला कर्मचारियों ने भी एसपी से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
स्वच्छ भारत मिशन का पैसा ग्राम पंचायतों में भेजा गया था। वह व्यय राशि का हिसाब नहीं दे पा रही है तो सचिवों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है। आईडी व पासवर्ड जिलाधिकारी के आदेश पर डीडी की अनुमति से इस्तेमाल किया गया था।
- राजेंद्र कुमार, प्रभारी डीपीआरओ, बांदा
डीपीआरओ व उनका स्टाफ मिला हुआ है। कुछ भी जानकारी मांगों तो गोलमोल उत्तर देते हैं। कार्रवाई का दबाव बनाने पर अनर्गल आरोप लगाते हैं। अब महिलाओं को आगे कर दिया गया है। जांच में सब सामने आ जाएगा।
- परवेज आलम खां
उप निदेशक (पंचायत) चित्रकूटधाम मंडल, बांदा