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Banda News: मधु-सखियां शहद की मिठास से संवार रहीं तकदीर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:43 AM IST
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फोटो - 08 शहद उत्पादन का प्रशिक्षण लेतीं महिलाएं। संवाद
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बांदा। बुंदेलखंड की महिलाएं मधुमक्खी पालन के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से यह मीठी क्रांति शुरू हुई है। जिले के छह ब्लॉकों की लगभग 125 महिला किसान अब शहद उत्पादन कर रही हैं।
नरैनी क्षेत्र के नीबी और सढ़ा गांवों से इस पहल की शुरुआत हुई। मुन्नीबाई, चुन्नी, उमा जैसी महिलाओं ने अपनी लगन से सफलता प्राप्त की है। विभाग ने मधुमक्खी के डिब्बे दिए और डीआईआरडी ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इससे महिलाएं शुद्ध शहद का उत्पादन कर घर-घर पहुंचा रही हैं। फरवरी में 75 डिब्बों से एक सप्ताह में 36 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। यह शुरुआती सफलता महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित हुई। मधुमक्खी पालन से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फूलों की विभिन्नता के कारण शहद की गुणवत्ता और कीमत में अंतर आता है। सरसों, नीम, जामुन और वन तुलसी के शहद अलग-अलग दामों पर बिकते हैं। वन तुलसी का शहद 1200 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है, जिसकी सर्वाधिक मांग है।
सरकारी ऋण बना संबल
सरकारी ऋण बना महिलाओं का संबल
आर्थिक तंगी को दूर करने और अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए इन महिला समूहों को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 25,780 रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वित्तीय सहायता और अपने बुलंद हौसलों के दम पर, ये महिलाएं शून्य से शिखर की ओर बढ़ रही हैं। फार्म आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल मुनाफे की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक कदम हैश्र वर्तमान में जिले में 125 महिलाएं मधुमक्खी पालन से जुड़ी हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या नरैनी क्षेत्र की महिलाओं की है।
शहद का प्रकार
प्रति किलो मूल्य (रुपये)
सरसों का शहद
600
नीम का शहद
1000
जामुन का शहद
800
वन तुलसी का शहद
1200 (सर्वाधिक मांग)
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आर्थिक तंगी को दूर करने और अपने उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए इन महिला समूहों को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 25,780 रुपये का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वित्तीय सहायता और अपने बुलंद हौसलों के दम पर, ये महिलाएं शून्य से शिखर की ओर बढ़ रही हैं। फार्म आजीविका मिशन के जिला मिशन प्रबंधक सुनील कुमार सिंह ने कहा कि यह केवल मुनाफे की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों महिलाओं के सपनों को पूरा करने की दिशा में एक कदम हैश्र वर्तमान में जिले में 125 महिलाएं मधुमक्खी पालन से जुड़ी हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या नरैनी क्षेत्र की महिलाओं की है।
शहद का प्रकार
प्रति किलो मूल्य (रुपये)
सरसों का शहद
600
नीम का शहद
1000
जामुन का शहद
800
वन तुलसी का शहद
1200 (सर्वाधिक मांग)