फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Pancham Lal acquitted in two cases of attempted murder

Banda News: हत्या की कोशिश के दो मामलों में पंचम लाल बरी

Sun, 02 Aug 2026 11:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Sun, 02 Aug 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
Pancham Lal acquitted in two cases of attempted murder
चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील ने आरोपी पंचम लाल पाल को हत्या की कोशिश व चोट पहुंचाने के दो मामलों में बरी कर दिया है। उसे विरोधाभासी बयान में संदेह का लाभ मिला। यह मामला पांच वर्ष पुराना और मऊ थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
विज्ञापन

इस मामले में आरोप था कि कौशांबी जनपद के पाली निवासी चाचा मुन्नू उर्फ जकेल और चचेरे भाई रमेश पाल पर 30 अप्रैल 2021 को पंचम पाल ने नशे में धारदार हथियार से हमला किया था। हमले में रमेश पाल को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 286, 307 और आयुध अधिनियम की धारा 3/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
विज्ञापन

पुलिस ने जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। सुनवाई में न्यायाधीश ने पक्ष और विपक्ष की दलीलें सुनीं। इस दौरान अदालत ने गवाहों के बयानों में भिन्नता पाई। बरामद हथियारों की फोरेंसिक रिपोर्ट अभियोजन के दावों का समर्थन नहीं कर पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

अदालत को आरोपी के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्य उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं मिला। नतीजतन, उसे दोनों मामलों में बरी कर दिया गया। अदालत ने पंचम लाल को सात दिन में 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बांड और उसी राशि की एक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया।
------------------

दुष्कर्म व जहर देकर मारने की कोशिश के आरोपी को जमानत
चित्रकूट। दुष्कर्म व जहर देकर मारने की कोशिश में एक आरोपी को जमानत मिली। उसे एक लाख पचास हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और इतनी ही राशि की दो जमानतें दाखिल करने पर रिहा किया जाएगा। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश अनुराग कुरील ने सुनाया। यह मामला महिला थाना कर्वी से संबंधित है।
महिला ने वर्ष 2023 में महिला थाना कर्वी में दुष्कर्म व जहर देकर मारने की प्रयास के आरोप में बांदा के गढ़ा गंगापुरवा निवासी राजेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में वह जमानत पर था। पेशी तारीख के भ्रम से वह अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए। इसके बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। वह वारंट रद्द कराने अदालत पहुंचे लेकिन उनके एक जमानती ने जमानत वापस ले ली।

जमानत के अभाव में उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट में जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में न्यायाधीश ने पक्ष व विपक्ष की दलीलें सुनीं। बयान व पत्रावलियों का अवलोकन किया। बाद में अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें जमानत पर रिहा करना उचित समझा। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed