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Banda News: नाक का ट्यूमर निकाल किशोर की दी जिंदगी
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फोटो 13 - किशोर की नाक से निकाला ट्यूमर दिखाते डॉ. भूपेन्द्र। स्रोत - स्वयं।
-रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल के डॉक्टरों ने पाई सफलता
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। 17 वर्षीय गरीब किशोर की नाक में बन गए ट्यूमर को यहां रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन से निकाल देने में सफलता हासिल की है। किशोर मरीज की सांसों पर मंडरा रहा खतरा खत्म हो गया।
सिमौनी गांव निवासी चुनुबाद का पुत्र उत्तम बचपन से जुकाम और सांस में अड़चन से जूझ रहा था। इलाज के बाद भी उसे स्थायी रूप से राहत नहीं मिल रही थी। जुकाम के साथ-साथ नाक से खून आने लगा, इससे उसे सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। लखनऊ में जांच कराई तो नाक के अंदर नस में 3 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर चौड़ा ट्यूमर (जेएनए) नस में पाया गया।
पैसे की कमी से वहां इलाज नहीं कराया। वापस आकर मेडिकल कॉलेज में ईएनटी सर्जन व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह को दिखाया, जिन्होंने मरीज को भर्ती करके मंगलवार को टीम के साथ सर्जरी कर ट्यूमर निकाला। डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मरीज को सरकारी फीस के अलावा कोई खर्च नहीं लगा। प्राइवेट हॉस्पिटल में लाखों खर्च होते। प्रधानाचार्य डॉ. एसके कौशल ने चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है। टीम में ईएनटी सर्जन डॉ कबीर, डॉ. प्रियंका, डॉ. कपिल, डॉ. मृत्युंजय मल्होत्रा, डॉ. सुरभि राजोरिया, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. सुशील पटेल, डॉ. प्रिया दीक्षित, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. पंकज, डॉ. अजीत, डॉ. विनीत, डॉ. सायबा सहित ओटी स्टाफ शामिल रहा।
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-रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल के डॉक्टरों ने पाई सफलता
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। 17 वर्षीय गरीब किशोर की नाक में बन गए ट्यूमर को यहां रानी दुर्गावती राजकीय मेडिकल के डॉक्टरों ने ऑपरेशन से निकाल देने में सफलता हासिल की है। किशोर मरीज की सांसों पर मंडरा रहा खतरा खत्म हो गया।
सिमौनी गांव निवासी चुनुबाद का पुत्र उत्तम बचपन से जुकाम और सांस में अड़चन से जूझ रहा था। इलाज के बाद भी उसे स्थायी रूप से राहत नहीं मिल रही थी। जुकाम के साथ-साथ नाक से खून आने लगा, इससे उसे सांस लेने में भी परेशानी होने लगी। लखनऊ में जांच कराई तो नाक के अंदर नस में 3 सेंटीमीटर लंबा और 3 सेंटीमीटर चौड़ा ट्यूमर (जेएनए) नस में पाया गया।
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पैसे की कमी से वहां इलाज नहीं कराया। वापस आकर मेडिकल कॉलेज में ईएनटी सर्जन व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. भूपेंद्र सिंह को दिखाया, जिन्होंने मरीज को भर्ती करके मंगलवार को टीम के साथ सर्जरी कर ट्यूमर निकाला। डॉ. भूपेंद्र ने बताया कि मरीज को सरकारी फीस के अलावा कोई खर्च नहीं लगा। प्राइवेट हॉस्पिटल में लाखों खर्च होते। प्रधानाचार्य डॉ. एसके कौशल ने चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है। टीम में ईएनटी सर्जन डॉ कबीर, डॉ. प्रियंका, डॉ. कपिल, डॉ. मृत्युंजय मल्होत्रा, डॉ. सुरभि राजोरिया, एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. सुशील पटेल, डॉ. प्रिया दीक्षित, डॉ. आशुतोष वर्मा, डॉ. पंकज, डॉ. अजीत, डॉ. विनीत, डॉ. सायबा सहित ओटी स्टाफ शामिल रहा।
