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बुंदेलखंड की जलवायु के अनुरूप विकसित हो बीज: सूर्यप्रताप
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फोटो 19- किसान मेले में बोलते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही। संवाद
फोटो 20-किसान मेले में प्रदर्शनी का अवलोकन करते मंत्री। संवाद
फोटो 21-किसान मेले में मौजूद विभिन्न प्रांतो के किसान। संवाद
फोटो 22- किसान मेले में कृषि फार्म मशीनरी की चाबी देते कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी। संवाद
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-गेहूं की परंपरागत किस्मों को संरक्षित व संवर्धित होना चाहिए
-रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में अपनाएं प्राकृतिक खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बुंदेलखंड बदल रहा है। विश्वविद्यालयों में नई-नई तकनीके विकसित हो रही है। बशर्ते यहां किसानों तक पहुंचे। ताकि उत्पादन व किसानों की आय बढ़े। यह बात प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय किसान मेले के उद्घाटन सत्र में कही।
कहा कि सरकार कृषि के क्षेत्र में निरंतर सहयोग कर रही है। विश्वविद्यालयों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं में भरपूर बजट दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय को खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई दी जानी है। ताकि सरसों के बीच को भंडारित कर शोध कार्य किए जा सके। कहा कि बुंदेलखंड की जलवायु को देखते हुए स्पीड ब्रीडिंग के माध्यम से गेहूं हो या सरसों आदि बीजों की नई किस्मे विकसित की जाए। किसानों को अच्छा बीज मिल सके। गेहूं की परंपरागत किस्मों को संरक्षित और संवर्धित किया जाना चाहिए। बाजरा, मसूर, अलसी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। तिलहन और दलहन उत्पादन मिशन ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। यह क्षेत्र हमेशा से दलहन उत्पादन का केन्द्र रहा है और हमें यह पहचान बचानी चाहिए। आज विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों ने नाशिक से बेहतर खरीफ प्याज का उत्पादन किया जो यहां के किसानों के लिए अच्छा माडल हो सकता है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही राष्ट्र की समृद्धि है। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने महिला केंद्रित कृषि यंत्रों और तकनीकों जोर दिया। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्राकृतिक खेती और गौ आधारित खेती पर चर्चा की। रासायनिक खेती से होने वाले विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया और ये आह्वान किया कि किसान रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती अपनायें। विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. एसवीएस. राजू ने कहा कि बताया कि मेले में विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के विभिन्न राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थानों, प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों, गैर शासकीय (कृषि निवेशकर्ताओं, उत्पादकों व विक्रेताओं), एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों के 120 स्टाल लगे है। जिनमें किसानों को नई-नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
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इनसेट-
इनका किया लोकार्पण व उद्घाटन
कृषि मंत्री ने विश्वविद्यलय में 100 बेड के दुर्गावती महिला छात्रावास का लोकार्पण।
कृषि विज्ञान केंद्र में मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्र का लोकार्पण।
9.95 करोड़ की लागत की जैविक उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला का किया उद्घाटन।
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इनसेट-
दलहन की 30 से अधिक किस्में की विकसित
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक कृषि वैज्ञानिक डा. गिरीश प्रसाद दीक्षित दलहन के आनुवंशिक सुधार कार्यों के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उन्हें स्मृति चिन्ह, शॉल देकर सम्मानित किया। दालों की 30 से अधिक उच्च उपज देने वाली किस्में विकसित में करने पर उन्ळें पूर्व में कृषि अनुसंधान गौरव सम्मान दिया जा चुका है।इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए बुन्देलखंड के 10 किसानो को उत्कृष्ट किसान सम्मान दिया गया। पशुपालन व दुग्ध उत्पादन में ललितपुर की ककरुआ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र जालौन छाता, प्रयागराज के प्रभारी सम्मानित किए गए।
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इनसेट-
बासमती को मिले जीआई टैग तो बने बात
पद्मश्री श्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि बांदा और झांसी मंडल से रिकॉर्ड गेहूं की खरीद हुई थी। जो प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धी है। बुन्देलखंड का बासमती धान दिल्ली की मंडी तक जा रहा है। बासमती धान को जीआई टैग मिल जाए तो क्षेत्र के किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा। बुन्देलखंड में पानी संकट का सामना करने के लिए जल संचयन माडल विकसित करने पर बल दिया।
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पीएम सम्मान निधि के लाभार्थी सम्मानित
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के किसान मेले में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लाभार्थी किसान ओमकार व पंकज सिंह कतरावल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कृषक राजबहादुर खप्टिहाकला को 1,28621 व जगतनारायण कमासिन को 90 326, राजकुमार बाजपेयी खप्टिहाकला को 128621 रुपये का क्लेम का चेक वितरित किया गया। शत्रुघन यादव ग्राम टोलिया को सोलर फेसिंग, पुन्नी पनगरा का कस्टम हायरिंग सेंटर, मूरतध्वज फार्म मशीनरी बैंक की चाबी प्रतीक स्वरूप प्रदान की। मिलेट्स पुनरोद्वार योजना के अन्न व्यंजन प्रतियोगिता में असफिया खान महिला डिग्री कालेज प्रथम को 11000 व आशीष उपाध्याय सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वितीय को सात हजार व उद्यानी महाविद्यालय की छात्रा सोहनी तृतीय को पांच हजार का चेक दिया गया। कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक अभय यादव सहित विश्वविद्यालय के कुलपति, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा आदि मौजूद रही।
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फोटो 20-किसान मेले में प्रदर्शनी का अवलोकन करते मंत्री। संवाद
फोटो 21-किसान मेले में मौजूद विभिन्न प्रांतो के किसान। संवाद
फोटो 22- किसान मेले में कृषि फार्म मशीनरी की चाबी देते कृषि निदेशक पंकज त्रिपाठी। संवाद
-गेहूं की परंपरागत किस्मों को संरक्षित व संवर्धित होना चाहिए
-रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में अपनाएं प्राकृतिक खेती
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। बुंदेलखंड बदल रहा है। विश्वविद्यालयों में नई-नई तकनीके विकसित हो रही है। बशर्ते यहां किसानों तक पहुंचे। ताकि उत्पादन व किसानों की आय बढ़े। यह बात प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालय के तीन दिवसीय किसान मेले के उद्घाटन सत्र में कही।
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कहा कि सरकार कृषि के क्षेत्र में निरंतर सहयोग कर रही है। विश्वविद्यालयों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं में भरपूर बजट दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय को खाद्य तेल प्रसंस्करण इकाई दी जानी है। ताकि सरसों के बीच को भंडारित कर शोध कार्य किए जा सके। कहा कि बुंदेलखंड की जलवायु को देखते हुए स्पीड ब्रीडिंग के माध्यम से गेहूं हो या सरसों आदि बीजों की नई किस्मे विकसित की जाए। किसानों को अच्छा बीज मिल सके। गेहूं की परंपरागत किस्मों को संरक्षित और संवर्धित किया जाना चाहिए। बाजरा, मसूर, अलसी पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। तिलहन और दलहन उत्पादन मिशन ने बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। यह क्षेत्र हमेशा से दलहन उत्पादन का केन्द्र रहा है और हमें यह पहचान बचानी चाहिए। आज विश्वविद्यालय में वैज्ञानिकों ने नाशिक से बेहतर खरीफ प्याज का उत्पादन किया जो यहां के किसानों के लिए अच्छा माडल हो सकता है। सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही राष्ट्र की समृद्धि है। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने महिला केंद्रित कृषि यंत्रों और तकनीकों जोर दिया। गो-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने प्राकृतिक खेती और गौ आधारित खेती पर चर्चा की। रासायनिक खेती से होने वाले विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया और ये आह्वान किया कि किसान रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक खेती अपनायें। विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. एसवीएस. राजू ने कहा कि बताया कि मेले में विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् के विभिन्न राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय महत्व के शोध संस्थानों, प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों, गैर शासकीय (कृषि निवेशकर्ताओं, उत्पादकों व विक्रेताओं), एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों के 120 स्टाल लगे है। जिनमें किसानों को नई-नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
इनसेट-
इनका किया लोकार्पण व उद्घाटन
कृषि मंत्री ने विश्वविद्यलय में 100 बेड के दुर्गावती महिला छात्रावास का लोकार्पण।
कृषि विज्ञान केंद्र में मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केंद्र का लोकार्पण।
9.95 करोड़ की लागत की जैविक उत्पाद परीक्षण प्रयोगशाला का किया उद्घाटन।
इनसेट-
दलहन की 30 से अधिक किस्में की विकसित
भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान के निदेशक कृषि वैज्ञानिक डा. गिरीश प्रसाद दीक्षित दलहन के आनुवंशिक सुधार कार्यों के लिए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उन्हें स्मृति चिन्ह, शॉल देकर सम्मानित किया। दालों की 30 से अधिक उच्च उपज देने वाली किस्में विकसित में करने पर उन्ळें पूर्व में कृषि अनुसंधान गौरव सम्मान दिया जा चुका है।इसके अलावा कृषि के क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए बुन्देलखंड के 10 किसानो को उत्कृष्ट किसान सम्मान दिया गया। पशुपालन व दुग्ध उत्पादन में ललितपुर की ककरुआ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र जालौन छाता, प्रयागराज के प्रभारी सम्मानित किए गए।
इनसेट-
बासमती को मिले जीआई टैग तो बने बात
पद्मश्री श्री उमाशंकर पांडे ने कहा कि बांदा और झांसी मंडल से रिकॉर्ड गेहूं की खरीद हुई थी। जो प्रदेश सरकार की बड़ी उपलब्धी है। बुन्देलखंड का बासमती धान दिल्ली की मंडी तक जा रहा है। बासमती धान को जीआई टैग मिल जाए तो क्षेत्र के किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा। बुन्देलखंड में पानी संकट का सामना करने के लिए जल संचयन माडल विकसित करने पर बल दिया।
पीएम सम्मान निधि के लाभार्थी सम्मानित
बांदा। कृषि विश्वविद्यालय के किसान मेले में प्रधानमंत्री सम्मान निधि के लाभार्थी किसान ओमकार व पंकज सिंह कतरावल, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कृषक राजबहादुर खप्टिहाकला को 1,28621 व जगतनारायण कमासिन को 90 326, राजकुमार बाजपेयी खप्टिहाकला को 128621 रुपये का क्लेम का चेक वितरित किया गया। शत्रुघन यादव ग्राम टोलिया को सोलर फेसिंग, पुन्नी पनगरा का कस्टम हायरिंग सेंटर, मूरतध्वज फार्म मशीनरी बैंक की चाबी प्रतीक स्वरूप प्रदान की। मिलेट्स पुनरोद्वार योजना के अन्न व्यंजन प्रतियोगिता में असफिया खान महिला डिग्री कालेज प्रथम को 11000 व आशीष उपाध्याय सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय द्वितीय को सात हजार व उद्यानी महाविद्यालय की छात्रा सोहनी तृतीय को पांच हजार का चेक दिया गया। कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक अभय यादव सहित विश्वविद्यालय के कुलपति, गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी, नरैनी विधायक ओममणि वर्मा आदि मौजूद रही।
