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Banda News: सर्वर धड़ाम, ठप हुआ कामकाज, फिटनेस के लिए 80 किमी का चक्कर
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:20 AM IST
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फोटो- 10 लोगों की जागरूकता के लिए विभाग ने दलालों से सचेत रहने की सूचना की चस्पा। संवाद
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बांदा। संभागीय परिवहन विभाग में मंगलवार को तकनीकी खामियों ने व्यवस्था की पोल खोल दी। सुबह से सर्वर ठप होने के चलते कार्यालय का पूरा कामकाज लगभग ठप रहा। दूर-दराज गांवों से आए लोग दिनभर इंतजार करते रहे, लेकिन काम न होने से निराश होकर वापस लौटना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने और वाहन संबंधी अन्य कार्य कराने आए आवेदकों को हुई।
डीएल आवेदकों की बढ़ी मुश्किल
सर्वर ठप होने का सीधा असर डीएल बनवाने की प्रक्रिया पर पड़ा। लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस से जुड़े सभी काम प्रभावित रहे। कई लोग जरूरी काम होने के कारण मायूस होकर लौटे, जिससे उनका समय और रुपया दोनों बर्बाद हुआ। ओरन से आए विजय यादव ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऑफिस आए थे, लेकिन सर्वर नहीं होने से अब घर वापस जा रहे हैं। वहीं नाई (खुरहंड) के निवासी उमेश सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या के चलते डीएल बनवाने का काम आज भी पूरा नहीं हो पाया है। अब और किसी दिन आएंगे।
फिटनेस के लिए 80 किमी की दौड़
पड़ताल में यह भी सामने आया कि नए नियमों के चलते बांदा के वाहन स्वामियों को अब वाहन फिटनेस के लिए करीब 80 किमी दूर फतेहपुर स्थित अधिकृत एजेंसी तक जाना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है। छोटे वाहन मालिकों और व्यावसायिक चालकों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बन गई है।
वाहन स्वामियों की नाराजगी
स्थानीय वाहन मालिक विनय सिंह ने बताया कि पहले जिले में ही फिटनेस की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब दूर जाने की मजबूरी ने दिक्कतें बढ़ा दी हैं। कई लोगों ने इसे अव्यवहारिक निर्णय बताते हुए जिले में ही सुविधा बहाल करने की मांग की है। वहीं शशांक सिंह ने कहा कि सरकार को जिले में ही फिटनेस की सुविधा देनी चाहिए। ताकि हम मोटर मालिकों को परेशानी से निजात मिल सके। क्योंकि 80 किमी दूर फतेहपुर में फिटनेस कराने का जो खर्च लगता है उससे कई गुना ज्यादा आने-जाने में खर्च हो जाता है।
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संभागीय परिवहन विभाग के उदयवीर सिंह का कहना है कि सर्वर की समस्या तकनीकी है, जिसे जल्द ठीक कराया जाएगा। वहीं वाहन फिटनेस को लेकर उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा है कि बांदा में ही अधिकृत व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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सर्वर ठप होने का सीधा असर डीएल बनवाने की प्रक्रिया पर पड़ा। लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस से जुड़े सभी काम प्रभावित रहे। कई लोग जरूरी काम होने के कारण मायूस होकर लौटे, जिससे उनका समय और रुपया दोनों बर्बाद हुआ। ओरन से आए विजय यादव ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के बाद ऑफिस आए थे, लेकिन सर्वर नहीं होने से अब घर वापस जा रहे हैं। वहीं नाई (खुरहंड) के निवासी उमेश सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या के चलते डीएल बनवाने का काम आज भी पूरा नहीं हो पाया है। अब और किसी दिन आएंगे।
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फिटनेस के लिए 80 किमी की दौड़
पड़ताल में यह भी सामने आया कि नए नियमों के चलते बांदा के वाहन स्वामियों को अब वाहन फिटनेस के लिए करीब 80 किमी दूर फतेहपुर स्थित अधिकृत एजेंसी तक जाना पड़ रहा है। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया है। छोटे वाहन मालिकों और व्यावसायिक चालकों के लिए यह व्यवस्था परेशानी का सबब बन गई है।
वाहन स्वामियों की नाराजगी
स्थानीय वाहन मालिक विनय सिंह ने बताया कि पहले जिले में ही फिटनेस की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब दूर जाने की मजबूरी ने दिक्कतें बढ़ा दी हैं। कई लोगों ने इसे अव्यवहारिक निर्णय बताते हुए जिले में ही सुविधा बहाल करने की मांग की है। वहीं शशांक सिंह ने कहा कि सरकार को जिले में ही फिटनेस की सुविधा देनी चाहिए। ताकि हम मोटर मालिकों को परेशानी से निजात मिल सके। क्योंकि 80 किमी दूर फतेहपुर में फिटनेस कराने का जो खर्च लगता है उससे कई गुना ज्यादा आने-जाने में खर्च हो जाता है।
संभागीय परिवहन विभाग के उदयवीर सिंह का कहना है कि सर्वर की समस्या तकनीकी है, जिसे जल्द ठीक कराया जाएगा। वहीं वाहन फिटनेस को लेकर उन्होंने शासन को प्रस्ताव भेजा है कि बांदा में ही अधिकृत व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

फोटो- 10 लोगों की जागरूकता के लिए विभाग ने दलालों से सचेत रहने की सूचना की चस्पा। संवाद