फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Banda News ›   Seven thousand cusecs of water released from the dam into the main canal, yet the minor is dry

Banda News: बांध से मुख्य नहर में छोड़ा सात हजार क्यूसेक पानी, फिर भी माइनर सूखी

Wed, 20 May 2026 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा Updated Wed, 20 May 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
Seven thousand cusecs of water released from the dam into the main canal, yet the minor is dry
फोटो - 01 बदहाली का शिकार उत्तर प्रदेश सीमा स्थित भावरपुर मॉडल तालाब। संवाद
नरैनी/करतल। नरैनी ब्लॉक के करतल, बाबूपुर, कनाय और अकिलवा सहित कई तालाब 14 दिन नहर चलने के बाद भी सूखे पड़े हैं। जिससे मवेशियों के लिए भी पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कहा जा रहा है कि मानसून आने तक पानी के लिए भटकना पड़ेगा। इसके अलावा बिलहरका गांव स्थित भावरपुर मॉडल तालाब सूख रहा है।
विज्ञापन




सिंचाई विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के गंगऊ बांध में पानी शून्य है, जबकि रंगवा में 13 फीट और बरियारपुर में 10 फीट पानी है। पहली मई से 14 मई तक बरियारपुर बांध से मुख्य नहर में सात हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, लेकिन माइनर कैनाल तक पानी नहीं पहुंचा। जिससे तालाब नहीं भर पाए। करतल के ग्रामीण नंदपाल राजपूत और अमर सिंह ने बताया कि केन नदी से दूर गांवों में मवेशियों के लिए पेयजल की भारी समस्या हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, बड़ी नहरों से माइनरों तक पानी न पहुंचने के कारण माइनर सूखी पड़ी हैं और तालाब में पानी की आवक पूरी तरह बंद हो गई है।
विज्ञापन


वर्ष 2006-07 में मनरेगा योजना के तहत करीब पांच-छह लाख रुपये की लागत से निर्मित यह लगभग ढाई बीघा क्षेत्रफल का तालाब अब देखरेख के अभाव में गाद से भर गया है। इसकी जलधारण क्षमता कम हो गई है, और किनारे लगी तारबाड़ी टूट चुकी है, जबकि पौधरोपण भी समाप्त हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ तालाब तेजी से सूख रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीण अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में भटकने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन




बुंदेलखंड के नौ हजार से अधिक जल स्रोत खुद प्यासे



बांदा। बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट गहराता जा रहा है। जहां करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद नौ हजार से अधिक तालाब और जल स्रोत सूखे पड़े हैं। जहां पानी की कमी न केवल मानव जीवन बल्कि पशु-पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर चुनौती बन गई है। बुंदेलखंड में 22 हजार से अधिक तालाबों में से नौ हजार से अधिक सूखे हैं। इन सूखे तालाबों के कारण गांवों में बेसहारा गोवंशी, पशु-पक्षी और अन्य जीव-जंतु पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं।

बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में सूखे तालाबों की स्थिति इस प्रकार है:

जिला कुल तालाब पानी वाले तालाब सूखे तालाब



चित्रकूट 3842 1900 1942



बांदा 5467 2569 2898



हमीरपुर 3620 764 2856



महोबा 6997 3032 3965



जालौन 8343 3531 4812

फोटो - 01 बदहाली का शिकार उत्तर प्रदेश सीमा स्थित भावरपुर मॉडल तालाब। संवाद

फोटो - 01 बदहाली का शिकार उत्तर प्रदेश सीमा स्थित भावरपुर मॉडल तालाब। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed