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Banda News: बैंक ने भेज दी पांच लाख की नोटिस, तनाव में व्यापारी ने फंदा लगाया
Sat, 30 May 2026 01:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 30 May 2026 01:16 AM IST
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फोटो- 19 प्रमोद। फाइल फोटो
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बांदा। कर्ज वसूली और बैंक के नोटिसों का दबाव लोगों की ज़िंदगी पर भारी पड़ता जा रहा है। शहर में एक व्यापारी ने बैंक की नोटिस से मानसिक तनाव में आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि व्यापारी ने दो साल पहले लिया गया ऋण पूरी तरह चुका दिया था, इसके बावजूद ब्याज सहित पांच लाख रुपये जमा करने की नोटिस भेजा गया। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
कताई मिल गेट नंबर चार के पास रहने वाले 36 वर्षीय लक्ष्मीकांत उर्फ प्रमोद का शव गुरुवार देर रात उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। बताया गया कि देर रात तेज आंधी-तूफान के दौरान परिजन ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे परिजन के होश उड़ गए।
प्रमोद कमरे में फंदे से लटका था। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई भरत विश्वकर्मा ने बताया कि प्रमोद ने करीब दो वर्ष पहले फर्नीचर का व्यापार बढ़ाने के लिए शहर के एक बैंक से ढाई लाख रुपये का ऋण लिया था। परिवार के अनुसार उसने समय रहते पूरा कर्ज चुका दिया था। इसके बावजूद 25 मई को डाक के जरिए घर पर एक नोटिस आया, जिसमें ब्याज सहित करीब पांच लाख रुपये बकाया बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
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परिजन का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से प्रमोद गहरे तनाव में था। उसने परिवार को बताया था कि बैंक जाकर प्रबंधक से बात करेगा, क्योंकि उसने पूरा भुगतान कर दिया है। वह बैंक भी गया, लेकिन लौटने के बाद काफी गुमसुम रहने लगा। परिवार वालों के मुताबिक वह किसी से ठीक से बात नहीं कर रहा था और अक्सर अकेले कमरे में बैठा रहता था। घटना ने एक बार फिर बैंकिंग व्यवस्था और कर्ज वसूली की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले में एक दिन पहले बिसंडा थाना क्षेत्र के जरोहरा गांव निवासी किसान विनोद तिवारी ने भी कर्ज के दबाव में फंदा लगाकर जान दे दी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि नोटिस किस बैंक से भेजा गया था और युवक किन परिस्थितियों में मानसिक तनाव में आया। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कताई मिल गेट नंबर चार के पास रहने वाले 36 वर्षीय लक्ष्मीकांत उर्फ प्रमोद का शव गुरुवार देर रात उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। बताया गया कि देर रात तेज आंधी-तूफान के दौरान परिजन ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक आवाज लगाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे परिजन के होश उड़ गए।
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प्रमोद कमरे में फंदे से लटका था। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के भाई भरत विश्वकर्मा ने बताया कि प्रमोद ने करीब दो वर्ष पहले फर्नीचर का व्यापार बढ़ाने के लिए शहर के एक बैंक से ढाई लाख रुपये का ऋण लिया था। परिवार के अनुसार उसने समय रहते पूरा कर्ज चुका दिया था। इसके बावजूद 25 मई को डाक के जरिए घर पर एक नोटिस आया, जिसमें ब्याज सहित करीब पांच लाख रुपये बकाया बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
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परिजन का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद से प्रमोद गहरे तनाव में था। उसने परिवार को बताया था कि बैंक जाकर प्रबंधक से बात करेगा, क्योंकि उसने पूरा भुगतान कर दिया है। वह बैंक भी गया, लेकिन लौटने के बाद काफी गुमसुम रहने लगा। परिवार वालों के मुताबिक वह किसी से ठीक से बात नहीं कर रहा था और अक्सर अकेले कमरे में बैठा रहता था। घटना ने एक बार फिर बैंकिंग व्यवस्था और कर्ज वसूली की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिले में एक दिन पहले बिसंडा थाना क्षेत्र के जरोहरा गांव निवासी किसान विनोद तिवारी ने भी कर्ज के दबाव में फंदा लगाकर जान दे दी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से लोगों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
कोतवाली प्रभारी बलराम सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि नोटिस किस बैंक से भेजा गया था और युवक किन परिस्थितियों में मानसिक तनाव में आया। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।