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Banda News: गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों के कन्फर्म टिकट के लिए मारामारी
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Tue, 12 May 2026 01:04 AM IST
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फोटो - 03 रेलवे स्टेशन पर आरक्षण को पहुंचे यात्री। संवाद
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बांदा। गर्मियों की छुट्टियों की शुरुआत के साथ ही विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेनों में कंफर्म टिकट के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 20 मई से स्कूलों में शुरू हो रहीं छुट्टियों के कारण अभिभावक बच्चों को घुमाने के लिए धार्मिक स्थलों और पहाड़ी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। हालांकि, ट्रेनों में 15 जून तक के लिए रिजर्वेशन लगभग फुल हो चुका है, जिससे यात्री हताश हैं।
दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से चलने वाली अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनें मई माह के अंत तक कंफर्म टिकटों से भर चुकी हैं। स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक में वेटिंग लिस्ट की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट का विकल्प ही एकमात्र सहारा बचा है। यदि तत्काल टिकट भी उपलब्ध नहीं होता है, तो कई यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में यात्रा सबसे सुगम और किफायती होती है लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए रेलवे को समर स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र जैसे चित्रकूट और बांदा को जोड़ने वाली समर ट्रेनों की कमी महसूस की जा रही है।
रोडवेज बसों की स्थिति
रोडवेज की ओर से गिनी-चुनी एसी जनरथ बसें संचालित की जाती हैं, जिनकी स्थिति अक्सर खस्ताहाल रहती है और उनमें आरक्षण की व्यवस्था भी सुचारू नहीं है। इस कारण, यात्री रोडवेज बसों पर भी पूरी तरह निर्भर नहीं रह पा रहे हैं। इसके अलावा निजी टैक्सी सेवाओं ने भी किराया बढ़ा दिया है। छोटे बच्चों से भी पूरा किराया वसूला जा रहा है, जिससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
मई माह में ट्रेनों में वेटिंग की स्थिति
बलिया-दादर एक्सप्रेस-स्लीपर 25, एसी थर्ड में 19, एसी सेकंड में 13
बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस-स्लीपर 29, एसी सेकंड 16, एसी थर्ड 12
ग्वालियर- हावड़ा चंबल एक्सप्रेस-स्लीपर 35, एसी थर्ड 21, एसी सेकंड में 17
मानिकपुर-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति-स्लीपर 25, एसी थर्ड 19, एसी सेकंड 15
गोरखपुर-दादर एक्सप्रेस- स्लीपर में 16, एसी थर्ड में 14, एसी सेकंड में 11
अयोध्या-प्रयागराज तुलसी एक्सप्रेस- स्लीपर 33 एसी थर्ड 22, एसी सेकंड 18
वर्जन-
बांदा से होकर दिल्ली के लिए कई ट्रेनें हैं। रेलवे ने झांसी से कई समर व धार्मिक स्थल वैष्णो देवी यात्रा के लिए ट्रेनें चलाई हैं। जरूरत पड़ने पर रेलवे और भी ट्रेनें चला सकता है।
सुधीर कुमार, स्टेशन प्रबंधक, बांदा
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दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से चलने वाली अधिकांश लंबी दूरी की ट्रेनें मई माह के अंत तक कंफर्म टिकटों से भर चुकी हैं। स्लीपर क्लास से लेकर एसी फर्स्ट क्लास तक में वेटिंग लिस्ट की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ऐसे में यात्रियों के पास तत्काल टिकट का विकल्प ही एकमात्र सहारा बचा है। यदि तत्काल टिकट भी उपलब्ध नहीं होता है, तो कई यात्रियों को अपनी यात्रा रद्द करने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
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यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में यात्रा सबसे सुगम और किफायती होती है लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए रेलवे को समर स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। विशेष रूप से बुंदेलखंड क्षेत्र जैसे चित्रकूट और बांदा को जोड़ने वाली समर ट्रेनों की कमी महसूस की जा रही है।
रोडवेज बसों की स्थिति
रोडवेज की ओर से गिनी-चुनी एसी जनरथ बसें संचालित की जाती हैं, जिनकी स्थिति अक्सर खस्ताहाल रहती है और उनमें आरक्षण की व्यवस्था भी सुचारू नहीं है। इस कारण, यात्री रोडवेज बसों पर भी पूरी तरह निर्भर नहीं रह पा रहे हैं। इसके अलावा निजी टैक्सी सेवाओं ने भी किराया बढ़ा दिया है। छोटे बच्चों से भी पूरा किराया वसूला जा रहा है, जिससे यात्रियों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
मई माह में ट्रेनों में वेटिंग की स्थिति
बलिया-दादर एक्सप्रेस-स्लीपर 25, एसी थर्ड में 19, एसी सेकंड में 13
बरौनी-अहमदाबाद एक्सप्रेस-स्लीपर 29, एसी सेकंड 16, एसी थर्ड 12
ग्वालियर- हावड़ा चंबल एक्सप्रेस-स्लीपर 35, एसी थर्ड 21, एसी सेकंड में 17
मानिकपुर-निजामुद्दीन संपर्क क्रांति-स्लीपर 25, एसी थर्ड 19, एसी सेकंड 15
गोरखपुर-दादर एक्सप्रेस- स्लीपर में 16, एसी थर्ड में 14, एसी सेकंड में 11
अयोध्या-प्रयागराज तुलसी एक्सप्रेस- स्लीपर 33 एसी थर्ड 22, एसी सेकंड 18
वर्जन-
बांदा से होकर दिल्ली के लिए कई ट्रेनें हैं। रेलवे ने झांसी से कई समर व धार्मिक स्थल वैष्णो देवी यात्रा के लिए ट्रेनें चलाई हैं। जरूरत पड़ने पर रेलवे और भी ट्रेनें चला सकता है।
सुधीर कुमार, स्टेशन प्रबंधक, बांदा