मौत की झपकी: स्कार्पियो के एयरबैग खुले पर चार सांसें थम गईं; 171 की स्पीड में बनाई थी रील, ऐसा था बांदा हादसा
Banda Bundelkhand Expressway Accident: तेज रफ्तार और नींद की झपकी के कारण बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर स्कार्पियो ट्रक से टकरा गई, जिसमें रील बनाने के शौकीन चालक समेत परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई।
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विस्तार
बांदा जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार की सुबह 8:30 बजे हुए हादसे ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। आजमगढ़ से लौट रहा परिवार सड़क हादसे का शिकार हो गया। तेज रफ्तार स्कार्पियो इंडेन गैस सिलिंडर लोड ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के एयरबैग खुल गए, लेकिन हादसे की भयावहता के आगे एयरबैग भी काम न आए और मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई।
महोबा जिले के कबरई के बांदा चौराहे में रहने वाले अजीत विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ पैतृक गांव रामगढ़, थाना जीयनपुर जिला आजमगढ़ गए थे। पूर्वांचल में परंपरा के अनुसार परिवार साल में एक बार गोत्र पूजा में शामिल होता है। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अजीत दो गाड़ियों से परिजनों को लेकर गांव गए थे। छोटी बहन के लिए रिश्ता देखने भी जाना था।
स्कार्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया
वहां का कार्यक्रम खत्म होने के बाद बुधवार देर शाम वह सभी को लेकर कबरई के लिए निकले थे। रास्ते में थकान और नींद महसूस होने पर प्रयागराज के पास अजीत ने होटल में गाड़ी रोककर कुछ देर आराम भी किया। इसके बाद सुबह जल्दी यात्रा फिर शुरू की। परिजनों के मुताबिक कबरई पहुंचने से पहले ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हथौड़ा गांव के पास उसे दोबारा झपकी आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि स्कार्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
रफ्तार और रील बनाने का था शौक
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे में जान गंवाने वाला अजीत विश्वकर्मा तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने और सफर के दौरान रील बनाने का शौकीन था। परिवार और करीबी लोग उसे कई बार तेज स्पीड में वाहन न चलाने की सलाह देते थे, लेकिन रफ्तार का जुनून आखिरकार उसकी और परिवार के चार सदस्यों की जिंदगी पर भारी पड़ गया।
स्पीडोमीटर की सुई 171 पर दिखाई दे रही थी
परिजनों के मुताबिक अजीत अक्सर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान तेज रफ्तार में स्कार्पियो चलाते हुए वीडियो बनाता था। वह सोशल मीडिया पर भी अपनी ड्राइविंग से जुड़ी रील और पोस्ट साझा करता रहता था। कुछ दिन पहले ही उसने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर स्कार्पियो को 171 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाते हुए वीडियो बनाकर फेसबुक पर पोस्ट किया था। वीडियो में स्पीडोमीटर की सुई 171 पर दिखाई दे रही थी।
चालक को झपकी आ गई और हादसा हो गया
करीबियों का कहना है कि अजीत को लग्जरी गाड़ियों और हाईस्पीड ड्राइविंग का काफी शौक था। कई बार परिवार के लोग उसे समझाते थे कि एक्सप्रेसवे पर अधिक रफ्तार खतरनाक हो सकती है, लेकिन वह इसे टाल देता था। बृहस्पतिवार सुबह भी वह परिवार के लोगों को लेकर कबरई लौट रहा था। बताया जा रहा है कि लंबे सफर और थकान के बीच वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। इसी दौरान चालक को झपकी आ गई और हादसा हो गया।
ये था पूरा मामला
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे करीब 120 किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ रही स्कॉर्पियो चालक को झपकी आने से डीसीएम से जा भिड़ी। हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कार्पियो के परखच्चे उड़ गए। घायल युवती को कानपुर रेफर किया गया है।
गोत्र पूजन में शामिल होने गए थे
मूलरूप से आजमगढ़ के थाना जीयनपुर के रामगढ़ निवासी अजीत विश्वकर्मा (35) परिवार के साथ महोबा के कबरई बांदा चौराहे के पास कई साल से रहते हैं। चार दिन पहले वह परिवार के सभी सदस्यों के साथ पैतृक गांव में हुए गोत्र पूजन में शामिल होने गए थे। परिवार के कुछ लोग लौट आए थे, लेकिन अजीत मां व अन्य सदस्यों के साथ गांव में रुक गए थे।
सिलिंडर लदे डीसीएम में पीछे से जा घुसी स्कार्पियो
अजीत बुधवार रात मां प्रेमशिला (50), दादी चंद्रावती (80), चाची निशा (40) और चचेरी बहन रिया (20) के साथ स्कार्पियो से कबरई स्थित घर जाने के लिए निकले थे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बृहस्पतिवार सुबह करीब 8:30 बजे हथौड़ा गांव के पास अजीत को झपकी आ गई। करीब 120 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही स्कार्पियो अनियंत्रित होकर आगे चल रहे इंडेन गैस सिलिंडर लदे डीसीएम में पीछे से जा घुसी।
युवती को कानपुर रेफर कर दिया गया
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कार्पियो के एयरबैग खुल गए, लेकिन वाहन बुरी तरह डीसीएम के नीचे फंस गया। हादसे में चालक अजीत, प्रेमशिला, निशा और चंद्रावती की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रिया गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को एंबुलेंस जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया।
शवगृह में रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़
पुलिस ने क्रेन की मदद से डीसीएम के नीचे फंसी स्कार्पियो को बाहर निकाला। इसके बाद स्कार्पियो की बॉडी गैस कटर से वाहन को काटकर शवों को बाहर निकाला गया। हादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन में कोहराम मच गया। जिला अस्पताल के शवगृह में रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी अमित आसेरी भी पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
प्रथम दृष्टया चालक को झपकी आने के कारण हादसा होना प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच कराई जा रही है। -पलाश बंसल, पुलिस अधीक्षक