सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court By which divine power was it discovered that the petitioner was the accused of robbery

High Court : किस दिव्य शक्ति से पता चला कि याची ही लूट का आरोपी है, थाना प्रभारी तलब

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 15 May 2026 01:59 PM IST
विज्ञापन
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर के आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक के बाद हुई मुठभेड़ पर बिसंडा थाने के प्रभारी को तलब किया है। पूछा है कि पुलिस ने किस दिव्य शक्ति से पता किया कि अज्ञात के खिलाफ दर्ज लूट की एफआईआर का आरोपी याची ही है।

High Court By which divine power was it discovered that the petitioner was the accused of robbery
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैंगस्टर के आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक के बाद हुई मुठभेड़ पर बिसंडा थाने के प्रभारी को तलब किया है। पूछा है कि पुलिस ने किस दिव्य शक्ति से पता किया कि अज्ञात के खिलाफ दर्ज लूट की एफआईआर का आरोपी याची ही है।

Trending Videos


यह सवाल न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने आदेश पांडेय की याचिका पर किया है। मामला बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र का है। याची ने गैंगस्टर में दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए सरकार से जवाबी हलफनामा तलब कर याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसी दौरान नौ मई की रात याची को पुलिस ने लूट के एक मामले में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने का दावा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, याची का दावा है कि उसे पुलिस ने जबरन उठाया और गोली मार दी। शिकायत पर कोर्ट ने मुठभेड़ की जांच बांदा के जिला जज को सौंपते हुए रिपोर्ट तलब की। पेश जिला जज और डॉ.विनीत कुमार की मेडिकल जांच की रिपोर्ट में कोर्ट ने पाया कि याची के बाएं पैर की पिंडली पर गनशॉट एंट्री और एग्जिट के निशान पाए गए हैं। वहीं, सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि याची की गिरफ्तारी लूट के मामले की गई है।

इस पर कोर्ट ने पूछा कि एफआईआर में कोई नामजद नहीं था तो पुलिस किस दिव्य शक्ति से इस निष्कर्ष पर पहुंची कि आरोपी आदेश पांडेय ही है? क्या गिरफ्तारी से पहले उसकी शिनाख्त परेड कराई गई थी? कोर्ट ने सरकार को तीन दिन में हलफनामे पर पूछे गए सवाल का जवाब देने का आदेश दिया है। साथ ही याची को स्वतंत्रता दी है कि वह लूट के मामले में जमानत याचिका दाखिल कर सकता है। इससे उसके फर्जी मुठभेड़ के दावे पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अब मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed