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Banda News: गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने वाले बनाएंगे सरकार
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नरैनी/ तिंदवारी/ बबेरू। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को जनपद वासियों को गोमाता की रक्षा का संकल्प दिलाया। कहा कि सरकार को गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देना चाहिए। आने वाले समय में वहीं सरकार बनेगी जो गोहित के कार्य करेगी।
शंकराचार्य 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के क्रम में मंगलवार की दोपहर जनपद पहुंचे। प्रयागराज से होते हुए वह बिसंडा, अतर्रा, बदौसा नरैनी होते हुए मुख्यालय पहुंचे। शहर के अलीगंज में शेखर शर्मा व 21 ब्राह्मणों की टोली ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज व गविष्टि यात्रा का स्वागत किया। बुधवार सुबह उन्होंने तिंदवारी, बबेरू में लोगों को आशीर्वाद दिया।
नरैनी के एक महाविद्यालय में संस्थापक जमुना प्रसाद पाण्डेय व स्थानीयों ने पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व को मानवता, करुणा और सद्भाव का संदेश देती है तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और धर्म के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
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इस दौरान महाविद्यालय के संस्थापक ने गोधाम निर्माण के लिए अपनी भूमि दान करने की घोषणा की। कार्यक्रम में सोनू करवरिया, राजेश पांडेय, रामचंद्र कुशवाहा, राघवेंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
तिंदवारी में भी शंकराचार्य ने लोगों को गोरक्षा और सेवा की शपथ दिलाई। उन्होंने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका एकमात्र लक्ष्य गो माता की रक्षा और उनके प्राणों की प्रतिष्ठा करना है, जो वर्तमान में खतरे में है। इस अवसर पर पंकज तिवारी, दीपक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
बबेरू के मां मढ़ी दाई मंदिर परिसर में शंकराचार्य का स्वागत हुआ। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा 10 सालों से सत्ता पर हैं और हिंदुओं ने उन्हें बहुमत दिया है, फिर भी वह गाय को पशु की सूची से हटाकर गो माता का दर्जा नहीं दे पाए हैं।
शंकराचार्य 81 दिवसीय गविष्टि यात्रा के क्रम में मंगलवार की दोपहर जनपद पहुंचे। प्रयागराज से होते हुए वह बिसंडा, अतर्रा, बदौसा नरैनी होते हुए मुख्यालय पहुंचे। शहर के अलीगंज में शेखर शर्मा व 21 ब्राह्मणों की टोली ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज व गविष्टि यात्रा का स्वागत किया। बुधवार सुबह उन्होंने तिंदवारी, बबेरू में लोगों को आशीर्वाद दिया।
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नरैनी के एक महाविद्यालय में संस्थापक जमुना प्रसाद पाण्डेय व स्थानीयों ने पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शंकराचार्य महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व को मानवता, करुणा और सद्भाव का संदेश देती है तथा नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और धर्म के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
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तिंदवारी में भी शंकराचार्य ने लोगों को गोरक्षा और सेवा की शपथ दिलाई। उन्होंने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसका एकमात्र लक्ष्य गो माता की रक्षा और उनके प्राणों की प्रतिष्ठा करना है, जो वर्तमान में खतरे में है। इस अवसर पर पंकज तिवारी, दीपक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
बबेरू के मां मढ़ी दाई मंदिर परिसर में शंकराचार्य का स्वागत हुआ। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा 10 सालों से सत्ता पर हैं और हिंदुओं ने उन्हें बहुमत दिया है, फिर भी वह गाय को पशु की सूची से हटाकर गो माता का दर्जा नहीं दे पाए हैं।