{"_id":"6a04c40f00ea8b1d250ee203","slug":"two-people-convicted-of-murderous-assault-get-10-years-imprisonment-each-banda-news-c-212-1-bnd1017-146402-2026-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Banda News: जानलेवा हमले में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Banda News: जानलेवा हमले में दो दोषियों को 10-10 साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांदा। खड़ी फसल में मवेशी छोड़ने को लेकर हुए विवाद और जानलेवा हमला करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के न्यायाधीश चंद्रपाल द्वितीय की अदालत ने रज्जू सिंह और कामता उर्फ लोदी को 10-10 साल के सश्रम कारावास सुनाया है। अदालत ने दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह घटना 4 सितंबर 2020 को कमासिन थाना क्षेत्र के साडा सानी गांव में हुई थी। वादी विनोद उर्फ विजवान ने पांच सितंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार शाम सात बजे जब विनोद अपने निजी ट्यूबवेल के पास खेत की रखवाली करने जा रहे थे, तभी गांव के रास्ते में रज्जू सिंह पुत्र राजकुमार गौर और कामता उर्फ लोदी पुत्र रामेश्वर यादव ने उन्हें रोका। दोनों आरोपी तमंचे लिए थे।
रज्जू सिंह ने विनोद पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके खेत में धान चरने के लिए जानवर हांक दिए थे। विनोद ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने कोई जानवर नहीं हांका। इस पर कामता ने भी वही आरोप दोहराया। इसके बाद रज्जू सिंह ने विनोद पर तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली विनोद के बाएं हाथ की उंगली को चीरती हुई सीने में लगी थी। आरोपी विनोद को मरा समझकर भाग गए थे।
विज्ञापन
आरोपियों के जाने का यकीन हो गया, तब विनोद घायल अवस्था में घिसटते हुए अपने खेतों से होकर लगभग डेढ़ घंटे में अपने भाई के घर पहुंचे और पूरी घटना बताई थी। घायल विनोद को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन ले जाया गया था, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया था। सदर अस्पताल से उन्हें कानपुर के लिए रेफर किया गया था।
विवेचक ने मामले का आरोप पत्र 25 नवंबर 2020 को न्यायालय में पेश किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में 18 नवंबर 2021 को आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 25 पृष्ठों के फैसले में कामता और रज्जू सिंह को दोषी करार दिया।
विज्ञापन
यह घटना 4 सितंबर 2020 को कमासिन थाना क्षेत्र के साडा सानी गांव में हुई थी। वादी विनोद उर्फ विजवान ने पांच सितंबर 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी के अनुसार शाम सात बजे जब विनोद अपने निजी ट्यूबवेल के पास खेत की रखवाली करने जा रहे थे, तभी गांव के रास्ते में रज्जू सिंह पुत्र राजकुमार गौर और कामता उर्फ लोदी पुत्र रामेश्वर यादव ने उन्हें रोका। दोनों आरोपी तमंचे लिए थे।
विज्ञापन
रज्जू सिंह ने विनोद पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके खेत में धान चरने के लिए जानवर हांक दिए थे। विनोद ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने कोई जानवर नहीं हांका। इस पर कामता ने भी वही आरोप दोहराया। इसके बाद रज्जू सिंह ने विनोद पर तमंचे से फायर कर दिया, जिससे गोली विनोद के बाएं हाथ की उंगली को चीरती हुई सीने में लगी थी। आरोपी विनोद को मरा समझकर भाग गए थे।
विज्ञापन
आरोपियों के जाने का यकीन हो गया, तब विनोद घायल अवस्था में घिसटते हुए अपने खेतों से होकर लगभग डेढ़ घंटे में अपने भाई के घर पहुंचे और पूरी घटना बताई थी। घायल विनोद को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन ले जाया गया था, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया गया था। सदर अस्पताल से उन्हें कानपुर के लिए रेफर किया गया था।
विवेचक ने मामले का आरोप पत्र 25 नवंबर 2020 को न्यायालय में पेश किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में 18 नवंबर 2021 को आरोप तय किए गए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 25 पृष्ठों के फैसले में कामता और रज्जू सिंह को दोषी करार दिया।