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Banda News: ग्रामीणों ने मांगा पक्का पुल, सीएम को भेजी पाती
Sat, 13 Jun 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:10 AM IST
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फोटो - 02 बाराघाट-गलौली के बीच स्थापित प्लाटून पुल। संवाद
- फोटो : 1
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जसपुरा। पैलानी तहसील का जसपुरा ब्लॉक बुनियादी सुविधाओं, विशेषकर संपर्क मार्गों की कमी से जूझ रहा है। बारा-गलौली के बीच बना अस्थायी पुल जल्द बंद हो जाएगा, जिससे दर्जनों गांवों का फतेहपुर जनपद से संपर्क टूट जाएगा।
ग्रामीणों को बरसात के चार महीने भारी कठिनाई होती है। ऐसे समय में बीमारों को इलाज तक नहीं मिल पाता। यमुना नदी पर बाराघाट-गलौली के बीच पक्के पुल का निर्माण वर्षों से लंबित है। यह क्षेत्र की 1977-78 से चली आ रही सबसे बड़ी मांग है। बसपा सरकार में पुल बनने की उम्मीद जगी थी। मुख्यमंत्री योगी के पहले कार्यकाल में दो बार सर्वेक्षण हुए और प्रस्ताव तैयार हुए, पर बजट स्वीकृत नहीं हो सका। बाराघाट-गलौली यमुना नदी पक्का पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रज्जन सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री योगी से वर्तमान कार्यकाल में शिलान्यास की मांग की है।
बरसात से पहले न हटाएं प्लाटून पुल
जसपुरा। यमुना नदी पर बने प्लाटून पुलों को समय से पहले हटाने की तैयारी से क्षेत्र की जनता चिंतित है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इन पुलों को बरसात शुरू होने तक यथावत रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अभी बरसात और बाढ़ का समय शुरू नहीं हुआ है। पुल हटने से हजारों ग्रामीणों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
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ग्रामीणों को बरसात के चार महीने भारी कठिनाई होती है। ऐसे समय में बीमारों को इलाज तक नहीं मिल पाता। यमुना नदी पर बाराघाट-गलौली के बीच पक्के पुल का निर्माण वर्षों से लंबित है। यह क्षेत्र की 1977-78 से चली आ रही सबसे बड़ी मांग है। बसपा सरकार में पुल बनने की उम्मीद जगी थी। मुख्यमंत्री योगी के पहले कार्यकाल में दो बार सर्वेक्षण हुए और प्रस्ताव तैयार हुए, पर बजट स्वीकृत नहीं हो सका। बाराघाट-गलौली यमुना नदी पक्का पुल निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष रज्जन सिंह परिहार ने मुख्यमंत्री योगी से वर्तमान कार्यकाल में शिलान्यास की मांग की है।
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बरसात से पहले न हटाएं प्लाटून पुल
जसपुरा। यमुना नदी पर बने प्लाटून पुलों को समय से पहले हटाने की तैयारी से क्षेत्र की जनता चिंतित है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इन पुलों को बरसात शुरू होने तक यथावत रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि अभी बरसात और बाढ़ का समय शुरू नहीं हुआ है। पुल हटने से हजारों ग्रामीणों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।

फोटो - 02 बाराघाट-गलौली के बीच स्थापित प्लाटून पुल। संवाद- फोटो : 1
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