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Barabanki News: छप्पर में लगी आग से 50 मवेशी जले, बचाने में किसान भी झुलसा
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 13 Jan 2026 02:20 AM IST
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जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम फतेहसराय में आग लगने से जला मवेशियों का बाड़ा।
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जहांगीराबाद। क्षेत्र के फतेहसराय गांव में रविवार देर रात जानवरों के छप्पर में लगी आग ने तबाही मचा दी। इस भीषण हादसे में गांव निवासी फूलचंद चौहान की सात गाय, तीन बछड़े और 40 बकरियां जलकर मर गईं।
मवेशियों को बचाने के प्रयास में फूलचंद स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
किसान फूलचंद का मकान गांव के भीतर है। इनके परिवार का मुख्य पेशा पशुपालन है। इसके लिए उन्होंने गांव के बाहर रेलवे लाइन के किनारे स्थित खेत में छप्परनुमा बाड़ा बना रखा है। यहीं पर वह सात गायों, तीन बछड़ों और 40 बकरियों को रखते थे। ठंड का मौसम होने के कारण मवेशी छप्पर के नीचे बांधे थे। फूलचंद के पुत्र मथुरा प्रसाद के अनुसार, रविवार रात पिता मवेशियों वाले छप्पर के नीचे चारपाई पर लेटे थे, जबकि मां शकुंतला पास ही दूसरे छप्पर के नीचे सो रही थीं। करीब 11:30 बजे अचानक छप्पर से आग की लपटें उठती दिखीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
शोर सुनकर पूरा गांव दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई भी मवेशी बाहर नहीं निकाला जा सका। इस दौरान छप्पर हटाने और जानवरों को बचाने की कोशिश में फूलचंद आग की चपेट में आकर झुलस गए।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। सोमवार सुबह पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत जानवरों का पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शवों को दफना दिया गया। हादसे में नौ से 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
जानवरों के छप्पर में आग कैसे लगी, इसका अभी तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। थानाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शुक्ल ने बताया कि फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।
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मवेशियों को बचाने के प्रयास में फूलचंद स्वयं भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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किसान फूलचंद का मकान गांव के भीतर है। इनके परिवार का मुख्य पेशा पशुपालन है। इसके लिए उन्होंने गांव के बाहर रेलवे लाइन के किनारे स्थित खेत में छप्परनुमा बाड़ा बना रखा है। यहीं पर वह सात गायों, तीन बछड़ों और 40 बकरियों को रखते थे। ठंड का मौसम होने के कारण मवेशी छप्पर के नीचे बांधे थे। फूलचंद के पुत्र मथुरा प्रसाद के अनुसार, रविवार रात पिता मवेशियों वाले छप्पर के नीचे चारपाई पर लेटे थे, जबकि मां शकुंतला पास ही दूसरे छप्पर के नीचे सो रही थीं। करीब 11:30 बजे अचानक छप्पर से आग की लपटें उठती दिखीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया।
शोर सुनकर पूरा गांव दौड़ पड़ा। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई भी मवेशी बाहर नहीं निकाला जा सका। इस दौरान छप्पर हटाने और जानवरों को बचाने की कोशिश में फूलचंद आग की चपेट में आकर झुलस गए।
सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सबकुछ जलकर राख हो चुका था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची। सोमवार सुबह पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत जानवरों का पोस्टमॉर्टम किया। इसके बाद शवों को दफना दिया गया। हादसे में नौ से 10 लाख रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
आग लगने के कारणों की जांच जारी
जानवरों के छप्पर में आग कैसे लगी, इसका अभी तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। थानाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद शुक्ल ने बताया कि फिलहाल कोई तहरीर नहीं मिली है, लेकिन पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।

जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम फतेहसराय में आग लगने से जला मवेशियों का बाड़ा।