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Barabanki News: निजी फाइनेंस कंपनी के अधिकारी से 34 लाख की साइबर ठगी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 18 Jan 2026 01:36 AM IST
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बाराबंकी। सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद क्रिप्टो करेंसी में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक निजी फाइनेंस कंपनी के मैनेजर को 34 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है। इस मामले में महिला सहित दो लोगों के खिलाफ पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है। ठगी गई रकम को सैकड़ों खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आ रही है, जो इस ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आगरा जिले के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के लड़ामदा गांव निवासी राकेश कुमार एक निजी फाइनेंस कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्यालय शहर के आवास विकास कॉलोनी में स्थित है। राकेश कुमार को करीब डेढ़ महीने पहले उनके फेसबुक अकाउंट पर 'आरोही मिश्रा' नाम की एक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत शुरू होने पर, आरोही ने खुद को कर्नाटक में एक फैशन डिजाइनिंग स्टूडियो चलाने वाली बताया और यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) मार्केट में साइड बिजनेस के जरिए रोजाना भारी मुनाफा कमाने का दावा किया।
बातचीत आगे बढ़ने पर, आरोही ने अपने एक सहयोगी राहुल ठाकरे से राकेश कुमार का संपर्क कराया। राहुल ने खुद को सीनियर फॉरेन ट्रेडिंग कंसल्टेंट बताते हुए राकेश को यूएसडीटी में निवेश का तरीका समझाया और उन्हें भारी मुनाफा दिखाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद, उन्होंने यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने को कहा।
पीड़ित राकेश कुमार के अनुसार, शुरुआत में उन्हें छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका विश्वास बढ़ा। पहले दिन 10 हजार रुपये के निवेश पर 2 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद, 13 दिसंबर 2025 को तीन दिनों में 50 हजार रुपये के निवेश पर लाभ दिखाया गया। ठगों ने फिर यह कहकर निवेश बढ़वाया कि अब पांच दिन का कॉन्ट्रैक्ट बनेगा और उससे पहले यूएसडीटी बेचा नहीं जा सकता।
इसके बाद, 16 दिसंबर को एक लाख रुपये लगाने पर एक लाख 67 हजार रुपये का प्रॉफिट दर्शाया गया। इसी तरह, ठगों ने धीरे-धीरे राकेश से 4 लाख, 21 हजार, 8 लाख, 2 लाख रुपये सहित कई किस्तों में कुल 34 लाख रुपये जमा करा लिए। हालांकि, जब राकेश ने एप प्लेटफॉर्म पर अपनी कुल जमा राशि देखी, तो वह 22 लाख 65 हजार 97 रुपये के रूप में दिखाई जा रही थी। जब राकेश कुमार ने अपने यूएसडीटी बेचने की कोशिश की, तो उन्हें एरर आने लगा। इस पर, जब उन्होंने राहुल ठाकरे से संपर्क किया, तो उसने यह बहाना बनाया कि राशि को अनलॉक कराने के लिए 31 लाख रुपये और देने होंगे। यहीं पर राकेश को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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यूएसडीटी का मतलब...डिजिटल डॉलर
यूएसडीटी एक एथेरियम टोकन है, जिसका मूल्य एक अमेरिकी डॉलर (जिसे स्टेबलकॉइन भी कहा जाता है) के बराबर है। यूएसडीटी को आसान भाषा में डिजिटल डॉलर कहा जाता है। यूएसडीटी का इस्तेमाल लोग ऑनलाइन पैसा रखने, भेजने और क्रिप्टो ट्रेडिंग में करते हैं, ताकि बिटकॉइन जैसी करेंसी के उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।
वर्जन-
सोशल मीडिया पर निवेश के सभी दावे फर्जी होते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार इनके जाल में फंसने के बाद लोग अपनी रकम या लाभांश पाने के लिए निवेश करते जाते है। इस मामले में भी यही हुआ। रिपोर्ट दर्जकर जांच कर जा रही है।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आगरा जिले के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र के लड़ामदा गांव निवासी राकेश कुमार एक निजी फाइनेंस कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उनका कार्यालय शहर के आवास विकास कॉलोनी में स्थित है। राकेश कुमार को करीब डेढ़ महीने पहले उनके फेसबुक अकाउंट पर 'आरोही मिश्रा' नाम की एक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातचीत शुरू होने पर, आरोही ने खुद को कर्नाटक में एक फैशन डिजाइनिंग स्टूडियो चलाने वाली बताया और यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) मार्केट में साइड बिजनेस के जरिए रोजाना भारी मुनाफा कमाने का दावा किया।
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बातचीत आगे बढ़ने पर, आरोही ने अपने एक सहयोगी राहुल ठाकरे से राकेश कुमार का संपर्क कराया। राहुल ने खुद को सीनियर फॉरेन ट्रेडिंग कंसल्टेंट बताते हुए राकेश को यूएसडीटी में निवेश का तरीका समझाया और उन्हें भारी मुनाफा दिखाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद, उन्होंने यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने को कहा।
पीड़ित राकेश कुमार के अनुसार, शुरुआत में उन्हें छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका विश्वास बढ़ा। पहले दिन 10 हजार रुपये के निवेश पर 2 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद, 13 दिसंबर 2025 को तीन दिनों में 50 हजार रुपये के निवेश पर लाभ दिखाया गया। ठगों ने फिर यह कहकर निवेश बढ़वाया कि अब पांच दिन का कॉन्ट्रैक्ट बनेगा और उससे पहले यूएसडीटी बेचा नहीं जा सकता।
इसके बाद, 16 दिसंबर को एक लाख रुपये लगाने पर एक लाख 67 हजार रुपये का प्रॉफिट दर्शाया गया। इसी तरह, ठगों ने धीरे-धीरे राकेश से 4 लाख, 21 हजार, 8 लाख, 2 लाख रुपये सहित कई किस्तों में कुल 34 लाख रुपये जमा करा लिए। हालांकि, जब राकेश ने एप प्लेटफॉर्म पर अपनी कुल जमा राशि देखी, तो वह 22 लाख 65 हजार 97 रुपये के रूप में दिखाई जा रही थी। जब राकेश कुमार ने अपने यूएसडीटी बेचने की कोशिश की, तो उन्हें एरर आने लगा। इस पर, जब उन्होंने राहुल ठाकरे से संपर्क किया, तो उसने यह बहाना बनाया कि राशि को अनलॉक कराने के लिए 31 लाख रुपये और देने होंगे। यहीं पर राकेश को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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यूएसडीटी का मतलब...डिजिटल डॉलर
यूएसडीटी एक एथेरियम टोकन है, जिसका मूल्य एक अमेरिकी डॉलर (जिसे स्टेबलकॉइन भी कहा जाता है) के बराबर है। यूएसडीटी को आसान भाषा में डिजिटल डॉलर कहा जाता है। यूएसडीटी का इस्तेमाल लोग ऑनलाइन पैसा रखने, भेजने और क्रिप्टो ट्रेडिंग में करते हैं, ताकि बिटकॉइन जैसी करेंसी के उतार-चढ़ाव से बचा जा सके।
वर्जन-
सोशल मीडिया पर निवेश के सभी दावे फर्जी होते हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। एक बार इनके जाल में फंसने के बाद लोग अपनी रकम या लाभांश पाने के लिए निवेश करते जाते है। इस मामले में भी यही हुआ। रिपोर्ट दर्जकर जांच कर जा रही है।
- अर्पित विजयवर्गीय, एसपी
