{"_id":"6a0e1968a6880a502e046cd8","slug":"ados-salary-withheld-for-not-filing-fir-barabanki-news-c-315-1-brb1038-168314-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: एफआईआर न कराने पर एडीओ का रोका वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: एफआईआर न कराने पर एडीओ का रोका वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 21 May 2026 01:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। विकास खंड निंदूरा में 16 लाख के सरकारी धन के गबन के मामला तूल पकड़ रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी नितेश भोंडेले ने अबतक एफआईआर दर्ज न होने को आदेश की अवहेलना और कर्तव्यहीनता मानते हुए एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है।
निंदूरा पंचायत में डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर शासकीय बजट की भारी हेराफेरी और वित्तीय दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी। दोनों 15 दिनों के भीतर इस पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इसके बाद डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को तीन दिन के भीतर प्रधान और सचिव पर प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी प्रति कार्यालय में सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। इस ढुलमुल रवैये और गंभीर लापरवाही से नाराज होकर डीपीआरओ ने पहले एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह को तलब किया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर डीपीआरओ ने गबन के आरोपियों को बचाने की कोशिश या शिथिलता बरतने के आरोप में एडीओ पंचायत का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। डीपीआर नीतेश भोंडेले ने बताया कि आदेश के बाद एफआईआर न कराने के मामले में अब निंदूरा के एडीओ पंचायत का वेतन रोक दिया गया है।
Trending Videos
निंदूरा पंचायत में डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान और सचिव की ओर से अपूर्ण दस्तावेजों के आधार पर शासकीय बजट की भारी हेराफेरी और वित्तीय दुरुपयोग की पुष्टि हुई थी। दोनों 15 दिनों के भीतर इस पर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इसके बाद डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को तीन दिन के भीतर प्रधान और सचिव पर प्राथमिकी दर्ज कराकर उसकी प्रति कार्यालय में सौंपने का निर्देश दिया था। आदेश के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई। इस ढुलमुल रवैये और गंभीर लापरवाही से नाराज होकर डीपीआरओ ने पहले एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह को तलब किया लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर डीपीआरओ ने गबन के आरोपियों को बचाने की कोशिश या शिथिलता बरतने के आरोप में एडीओ पंचायत का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया गया है। डीपीआर नीतेश भोंडेले ने बताया कि आदेश के बाद एफआईआर न कराने के मामले में अब निंदूरा के एडीओ पंचायत का वेतन रोक दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन