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Barabanki News: रमता राम चतुर्भुज मंदिर की जमीन बेचे जाने की होगी जांच
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बाराबंकी। जिले के सुप्रसिद्ध रमता राम चतुर्भुज मंदिर (जहांगीराबाद) की जमीन बेचे जाने के मामले का डीएम ईशान प्रताप सिंह ने संज्ञान लिया है। बुधवार को मंदिर के महंत कमलदास के साथ हिंदू जागरण मंच व शिवसेना समेत कई संगठनों के लोग डीएम से मिले। डीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
शिकायत के अनुसार, मंदिर के पूर्व महंतों और उनके सेवादारों ने मंदिर की जमीनों को अपने परिजनों के नाम स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद इस कीमती भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की गई। बैंकों से भारी-भरकम ऋण भी ले लिया गया। आरोप है कि इसी जालसाजी के तहत वर्ष 2011 में मंदिर की बेशकीमती जमीन लखनऊ के एक चिकित्सक को बेच दी गई। इस जमीन पर वर्ष 2013 में दार-अल-अरकम पब्लिक स्कूल नाम से एक संस्थान शुरू किया गया। इसके अतिरिक्त, मंदिर समिति के ही एक रसूखदार पदाधिकारी पर मंदिर की जमीन पर अवैध मैरिज हॉल बनाने का भी आरोप लगा है।
शिकायती पत्र में बाबा कमल दास दावा किया है कि यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त इस स्कूल में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। यहां केवल मदरसा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए विदेशी वित्तपोषण भी लिया जा रहा है।
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शिकायत के अनुसार, मंदिर के पूर्व महंतों और उनके सेवादारों ने मंदिर की जमीनों को अपने परिजनों के नाम स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद इस कीमती भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की गई। बैंकों से भारी-भरकम ऋण भी ले लिया गया। आरोप है कि इसी जालसाजी के तहत वर्ष 2011 में मंदिर की बेशकीमती जमीन लखनऊ के एक चिकित्सक को बेच दी गई। इस जमीन पर वर्ष 2013 में दार-अल-अरकम पब्लिक स्कूल नाम से एक संस्थान शुरू किया गया। इसके अतिरिक्त, मंदिर समिति के ही एक रसूखदार पदाधिकारी पर मंदिर की जमीन पर अवैध मैरिज हॉल बनाने का भी आरोप लगा है।
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शिकायती पत्र में बाबा कमल दास दावा किया है कि यूपी बेसिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त इस स्कूल में नियमों को ताक पर रखा जा रहा है। यहां केवल मदरसा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा रहा है। इसके संचालन के लिए विदेशी वित्तपोषण भी लिया जा रहा है।