{"_id":"69c194edfbb9d52439087f90","slug":"barabanki-court-will-become-a-smart-court-campus-barabanki-news-c-315-1-brp1006-162168-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: बाराबंकी कचहरी बनेगी स्मार्ट कोर्ट कैंपस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: बाराबंकी कचहरी बनेगी स्मार्ट कोर्ट कैंपस
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:00 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। जिला न्यायालय को अब पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा सिस्टम से लैस किया जाएगा। प्रदेश सरकार की पहल पर बाराबंकी कचहरी में मेटल डिटेक्टर और हाई विजन सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए एक करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद कचहरी परिसर की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाएगी।
कचहरी में रोजाना लगभग पांच हजार से लेकर आठ हजार तक वकील, अधिकारी, कर्मचारी और वादकारी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना हमेशा चुनौती रहा है। योजना के तहत कचहरी के मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे, जबकि परिसर के हर महत्वपूर्ण स्थान कोर्ट रूम के बाहर, गलियारों, बार एसोसिएशन परिसर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई रिजोल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे। ये कैमरे 24 घंटे रिकॉर्डिंग करेंगे और जरूरत पड़ने पर फुटेज तुरंत उपलब्ध होगी।
बाराबंकी कचहरी में अक्सर धरना-प्रदर्शन और विभिन्न संगठनों के विरोध कार्यक्रम होते रहते हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा बंदियों को अवैध रूप से सुविधा उपलब्ध कराने जैसे मामलों पर भी अब लगाम लगेगी। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गतिविधि रिकॉर्ड होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही तय करना आसान होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि न्यायालय परिसर में अनुशासन और व्यवस्था कायम रखने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
कैमरे आदि की स्थापना की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अयोध्या स्थित यांत्रिक खंड को दी गई है। कार्य शुरू करने के लिए 33 लाख 75 हजार रुपये की किश्त जारी किए गए है। सीओ सिटी संगम कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद की जा रही है।
Trending Videos
कचहरी में रोजाना लगभग पांच हजार से लेकर आठ हजार तक वकील, अधिकारी, कर्मचारी और वादकारी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना हमेशा चुनौती रहा है। योजना के तहत कचहरी के मुख्य प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे, जबकि परिसर के हर महत्वपूर्ण स्थान कोर्ट रूम के बाहर, गलियारों, बार एसोसिएशन परिसर और भीड़भाड़ वाले इलाकों में हाई रिजोल्यूशन कैमरे स्थापित किए जाएंगे। ये कैमरे 24 घंटे रिकॉर्डिंग करेंगे और जरूरत पड़ने पर फुटेज तुरंत उपलब्ध होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी कचहरी में अक्सर धरना-प्रदर्शन और विभिन्न संगठनों के विरोध कार्यक्रम होते रहते हैं, जिससे व्यवस्था प्रभावित होती है। इसके अलावा बंदियों को अवैध रूप से सुविधा उपलब्ध कराने जैसे मामलों पर भी अब लगाम लगेगी। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गतिविधि रिकॉर्ड होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही तय करना आसान होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि न्यायालय परिसर में अनुशासन और व्यवस्था कायम रखने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
कैमरे आदि की स्थापना की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अयोध्या स्थित यांत्रिक खंड को दी गई है। कार्य शुरू करने के लिए 33 लाख 75 हजार रुपये की किश्त जारी किए गए है। सीओ सिटी संगम कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की कवायद की जा रही है।