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Barabanki News: मेड़ विवाद में खूनी संघर्ष, वृद्ध की मौत, 13 घायल
Thu, 02 Jul 2026 12:32 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:32 AM IST
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बाराबंकी। हैदरगढ़ कोतवाली के पूरे मेहरबान गांव में खेत की मेड़ काटने के विवाद ने बुधवार को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गांव में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में गंभीर चोटें आने से घायल बुजुर्ग भगवानदीन (65) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी रामावती (60) की हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। घटना में दोनों पक्षों के 13 लोग घायल हुए हैं।
पुलिस के अनुसार बरावां ग्राम पंचायत के पूरे मेहरबान गांव में भगवानदीन और रामसेवक के खेत अगल-बगल हैं। करीब 10 दिन पहले खेत की मेड़ काटने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। सुरेश ने बताया कि बुधवार दोपहर पिता भगवानदीन और उनकी पत्नी खेत पर गए थे। वहां कहासुनी के बाद दोनों घर लौट आए, लेकिन कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के करीब 20 लोग लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर उनके घर पहुंच गए और हमला कर दिया।
हमले में भगवानदीन, उनकी पत्नी रामावती, पुत्र सुरेश (17), पुत्री रामदुलारी (22), पौत्र अमर (15) पौत्री शांति (21), राजेंद्र की पुत्र चांदनी (14) भगवानदीन के पुत्र महेश (14), गोविंद (28) घायल हो गए। दूसरे पक्ष के रामसेवक (25), राम दयाल (25) इनकी पत्नी संगीता (22), मिथलेश कुमारी (27) भी घायल हो गए।
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रामसेवक का कहना है कि घास काटने को लेकर भगवानदीन पक्ष ने पहले विवाद और मारपीट की थी। पुलिस सभी घायलों को सीएचसी ले गई। चिकित्सकों ने भगवानदीन और रामावती की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन एंबुलेंस से रवाना किए जाने की तैयारी के दौरान भगवानदीन ने दम तोड़ दिया। सीओ समीर कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दोनों पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। गांव में पुलिस तैनात है।
पहले भी दी थी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि खेत की मेड़ काटने, कब्जे के प्रयास और जान से मारने की धमकी की शिकायत पहले ही पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस सख्ती दिखाती तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ पहले शांति भंग की कार्रवाई की गई थी।
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इलाज में लापरवाही, बाहर से मंगाई दवा, प्रदर्शन
सीएचसी में वृद्ध की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि आकस्मिक सेवा में मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय तीन अलग-अलग परचों पर बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिख दिए, जिन पर करीब 3500 रुपये खर्च करने पड़े।
आरोप है कि पुलिस की ओर से रेफरल प्रक्रिया और एंबुलेंस की व्यवस्था में अनावश्यक देरी हुई। इसे लेकर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे हैदरगढ़ के विधायक दिनेश रावत सीएचसी पहुंचे तो उनसे भी यह बताया गया। विधायक ने जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जयशंकर पांडेय ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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पुलिस के अनुसार बरावां ग्राम पंचायत के पूरे मेहरबान गांव में भगवानदीन और रामसेवक के खेत अगल-बगल हैं। करीब 10 दिन पहले खेत की मेड़ काटने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। सुरेश ने बताया कि बुधवार दोपहर पिता भगवानदीन और उनकी पत्नी खेत पर गए थे। वहां कहासुनी के बाद दोनों घर लौट आए, लेकिन कुछ देर बाद दूसरे पक्ष के करीब 20 लोग लाठी-डंडों और लोहे की रॉड लेकर उनके घर पहुंच गए और हमला कर दिया।
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हमले में भगवानदीन, उनकी पत्नी रामावती, पुत्र सुरेश (17), पुत्री रामदुलारी (22), पौत्र अमर (15) पौत्री शांति (21), राजेंद्र की पुत्र चांदनी (14) भगवानदीन के पुत्र महेश (14), गोविंद (28) घायल हो गए। दूसरे पक्ष के रामसेवक (25), राम दयाल (25) इनकी पत्नी संगीता (22), मिथलेश कुमारी (27) भी घायल हो गए।
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रामसेवक का कहना है कि घास काटने को लेकर भगवानदीन पक्ष ने पहले विवाद और मारपीट की थी। पुलिस सभी घायलों को सीएचसी ले गई। चिकित्सकों ने भगवानदीन और रामावती की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया, लेकिन एंबुलेंस से रवाना किए जाने की तैयारी के दौरान भगवानदीन ने दम तोड़ दिया। सीओ समीर कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दोनों पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। गांव में पुलिस तैनात है।
पहले भी दी थी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि खेत की मेड़ काटने, कब्जे के प्रयास और जान से मारने की धमकी की शिकायत पहले ही पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस सख्ती दिखाती तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी। वहीं पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ पहले शांति भंग की कार्रवाई की गई थी।
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इलाज में लापरवाही, बाहर से मंगाई दवा, प्रदर्शन
सीएचसी में वृद्ध की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि आकस्मिक सेवा में मौजूद डॉक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बजाय तीन अलग-अलग परचों पर बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिख दिए, जिन पर करीब 3500 रुपये खर्च करने पड़े।
आरोप है कि पुलिस की ओर से रेफरल प्रक्रिया और एंबुलेंस की व्यवस्था में अनावश्यक देरी हुई। इसे लेकर परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे हैदरगढ़ के विधायक दिनेश रावत सीएचसी पहुंचे तो उनसे भी यह बताया गया। विधायक ने जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. जयशंकर पांडेय ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि मामले की जांच कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।