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Barabanki News: बस डिपो को मिली नई रफ्तार, 65 लाख मिले
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:34 AM IST
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बाराबंकी। जिले में लंबे समय से अधर में लटका अंतर्जनपदीय बस स्टेशन (डिपो) अब जल्द ही धरातल पर पूरी तरह सक्रिय होता नजर आ रहा है। परिवहन विभाग ने परियोजना की पुरानी लागत का पुनरीक्षण करते हुए 65 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी कर दी है। इससे उम्मीद जगी है कि आने वाले कुछ महीनों में बाराबंकी का बस डिपो पूरी क्षमता के साथ संचालित होने लगेगा।
दरअसल वर्ष 2015 में अयोध्या रोड पर अंतर्जनपदीय बस स्टेशन के निर्माण के लिए डिपो व वर्कशॉप का काम शुरू किया गया था। समय के साथ भवन तो तैयार हो गया, लेकिन संचालन व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी। मौैजूदा स्थिति यह है कि बस स्टेशन होने के बावजूद अधिकांश बसें सीधे लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से निकल जाती हैं और डिपो में प्रवेश नहीं करतीं। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि राजस्व पर भी असर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, संचालन में ढिलाई और कर्मचारियों की कमी भी बड़ी वजह रही, जिसके चलते बस स्टेशन अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा था। इस समस्या को देखते हुए परिवहन निगम ने बजट की कमी का हवाला देते हुए लागत का पुनरीक्षण प्रस्ताव शासन को भेजा था। अब शासन स्तर से 65 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी होने के बाद उम्मीद है कि आवश्यक संसाधनों की पूर्ति कर डिपो को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नई धनराशि से व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी और बसों का नियमित संचालन कराया जाएगा।
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दरअसल वर्ष 2015 में अयोध्या रोड पर अंतर्जनपदीय बस स्टेशन के निर्माण के लिए डिपो व वर्कशॉप का काम शुरू किया गया था। समय के साथ भवन तो तैयार हो गया, लेकिन संचालन व्यवस्था सुचारु नहीं हो सकी। मौैजूदा स्थिति यह है कि बस स्टेशन होने के बावजूद अधिकांश बसें सीधे लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे से निकल जाती हैं और डिपो में प्रवेश नहीं करतीं। इससे न केवल यात्रियों को असुविधा हो रही है, बल्कि राजस्व पर भी असर पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, संचालन में ढिलाई और कर्मचारियों की कमी भी बड़ी वजह रही, जिसके चलते बस स्टेशन अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहा था। इस समस्या को देखते हुए परिवहन निगम ने बजट की कमी का हवाला देते हुए लागत का पुनरीक्षण प्रस्ताव शासन को भेजा था। अब शासन स्तर से 65 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि जारी होने के बाद उम्मीद है कि आवश्यक संसाधनों की पूर्ति कर डिपो को प्रभावी तरीके से संचालित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नई धनराशि से व्यवस्थाएं सुधारी जाएंगी और बसों का नियमित संचालन कराया जाएगा।
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