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Barabanki News: गलत रिपोर्ट पर डीएम नाराज, एई को प्रतिकूल प्रविष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:31 AM IST
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बाराबंकी। जल जीवन मिशन के कार्याें की समीक्षा के दौरान डीएम ईशान प्रताप सिंह कई खामियां मिलने और गलत रिपोर्ट पेश करने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए हैं। इसमें जनपद की 294 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। विभाग ने इन परियोजनाओं की प्रगति 80 फीसदी से अधिक दर्शाई जबकि हकीकत इससे इतर पाई गई।
डीएम ने विभागीय कार्यपूर्णता रिपोर्ट और स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट में अंतर पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी भिन्नता वाली परियोजनाओं की सत्यापन रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए। विकासखंड फतेहपुर के ग्राम अचैचा का विशेष उल्लेख किया गया। यहां विभागीय रिपोर्ट और स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट में अंतर पाया गया।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। जिलाधिकारी ने संबंधित सहायक अभियंता (एई) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सड़कों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को पहले जैसी गुणवत्ता के साथ पुनर्स्थापित करना अनिवार्य है।
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प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिन परियोजनाओं में 80 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। वहां नियमित और सुचारू पेयजल आपूर्ति उपलब्ध रहे। समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारियों से कराए गए स्थलीय सत्यापन रिपोर्टों का परीक्षण किया गया। अनेक परियोजनाओं में विभागीय प्रगति रिपोर्ट और वास्तविक स्थलीय स्थिति में भिन्नता पाई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी कमियों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर डीडीओ भूषण कुमार के अलावा जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डीएम ने विभागीय कार्यपूर्णता रिपोर्ट और स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट में अंतर पर नाराजगी जताई। उन्होंने सभी भिन्नता वाली परियोजनाओं की सत्यापन रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए। विकासखंड फतेहपुर के ग्राम अचैचा का विशेष उल्लेख किया गया। यहां विभागीय रिपोर्ट और स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट में अंतर पाया गया।
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पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। जिलाधिकारी ने संबंधित सहायक अभियंता (एई) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने सड़कों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को पहले जैसी गुणवत्ता के साथ पुनर्स्थापित करना अनिवार्य है।
प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि जिन परियोजनाओं में 80 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। वहां नियमित और सुचारू पेयजल आपूर्ति उपलब्ध रहे। समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारियों से कराए गए स्थलीय सत्यापन रिपोर्टों का परीक्षण किया गया। अनेक परियोजनाओं में विभागीय प्रगति रिपोर्ट और वास्तविक स्थलीय स्थिति में भिन्नता पाई गई।
इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले सभी कमियों का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो। ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर डीडीओ भूषण कुमार के अलावा जल निगम (ग्रामीण) के अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।