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Barabanki News: सरयू नदी में ड्रेजिंग कार्य पर सवाल, नहीं रुकती कटान
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 15 Apr 2026 01:06 AM IST
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बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी में एक बार फिर ड्रेजिंग कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य नदी की धारा सीधी करने और कटान रोकने के लिए कई साल से किया जा रहा है, लेकिन कटान रुक नहीं रही। इस वर्ष बाढ़ खंड के मैकेनिकल डिपार्टमेंट ने कोठरीगौरिया गांव के सामने ड्रेजिंग कार्य शुरू किया है। यह कार्य करीब दो किलोमीटर तक किया जाना है। यहां पर नदी की धारा आबादी से सटी चल रही है।
ड्रेजिंग का कार्य आबादी से करीब 800 मीटर दूर किया जा रहा है। ड्रेजर मशीन से नदी धारा से दूर खोदी जा रही है। चैनल बनाने का कार्य भी दूर हो रहा है, जिससे आबादी को सीधा फायदा नहीं दिख रहा। पोकलैंड मशीन से बनाए जा रहे चैनल में सिर्फ सफेद बालू इकट्ठा हो रही है। इससे आबादी की दूसरी छोर ऊंची हो जाएगी। बाढ़ का दबाव बढ़ेगा और कटान की संभावना बढ़ जाएगी।
बीते वर्ष वाराणसी बैराज अनुरक्षण खंड द्वारा सनावा और सिरौलीगुंग गांव में किया गया कार्य भी बाढ़ के पहले पानी में बह गया था। इसीलिए आबादी के लोगों को डर है कि कहीं इस वर्ष भी कटान होती है, तो गांव और कृषि योग्य जमीन चपेट में आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड का मैकेनिकल डिपार्टमेंट मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। सरयू नदी भयानक बाढ़ और कटान के लिए जानी जाती है।
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सिरौलीगौसपुर तहसील का बड़ा हिस्सा इसकी तलहटी में बसा है। यहां कई गांव के घर नदी की कटान में बह चुके हैं। सरकार ने वर्ष 2016 में ड्रेजिंग कार्य का शुभारंभ किया था। यह कार्य प्रति वर्ष बाढ़ से पहले होता है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि निरीक्षण कर कार्य को सही से करने के निर्देश दिए गए हैं। मनमानी होने पर संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।
ड्रेजिंग का कार्य आबादी से करीब 800 मीटर दूर किया जा रहा है। ड्रेजर मशीन से नदी धारा से दूर खोदी जा रही है। चैनल बनाने का कार्य भी दूर हो रहा है, जिससे आबादी को सीधा फायदा नहीं दिख रहा। पोकलैंड मशीन से बनाए जा रहे चैनल में सिर्फ सफेद बालू इकट्ठा हो रही है। इससे आबादी की दूसरी छोर ऊंची हो जाएगी। बाढ़ का दबाव बढ़ेगा और कटान की संभावना बढ़ जाएगी।
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बीते वर्ष वाराणसी बैराज अनुरक्षण खंड द्वारा सनावा और सिरौलीगुंग गांव में किया गया कार्य भी बाढ़ के पहले पानी में बह गया था। इसीलिए आबादी के लोगों को डर है कि कहीं इस वर्ष भी कटान होती है, तो गांव और कृषि योग्य जमीन चपेट में आ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ खंड का मैकेनिकल डिपार्टमेंट मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। सरयू नदी भयानक बाढ़ और कटान के लिए जानी जाती है।
सिरौलीगौसपुर तहसील का बड़ा हिस्सा इसकी तलहटी में बसा है। यहां कई गांव के घर नदी की कटान में बह चुके हैं। सरकार ने वर्ष 2016 में ड्रेजिंग कार्य का शुभारंभ किया था। यह कार्य प्रति वर्ष बाढ़ से पहले होता है। एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि निरीक्षण कर कार्य को सही से करने के निर्देश दिए गए हैं। मनमानी होने पर संस्था पर कार्रवाई की जाएगी।