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आयुष्मान कार्ड : अब मुख्यालय पर नाम संशोधन की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:47 AM IST
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बाराबंकी। आयुष्मान भारत योजना के तहत बने आयुष्मान कार्डधारकों को साचीज ने बहुत बड़ी राहत दी है। किसी कार्डधारक का नाम गलत है या फिर संशोधित कराना है, कार्ड निरस्त कर दूसरा जारी कराना है तो इसके लिए लखनऊ के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। यह व्यवस्था मुख्यालय पर यानी सीएमओ कार्यालय में संचालित आयुष्मान कक्ष में ही मिल जाएगी।
जिले में 17 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं इनमें से करीब 11 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बना दिए गए हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या नाम मिसमैच की है। आधार में नाम रामदुलारे है लेकिन आयुष्मान कार्ड में रामदुलार दर्ज है। इसी प्रकार किसके नाम से मात्रा गायब है तो किसी के नाम में पिता का नाम गलत दर्ज हो गया है।
कल्लू के पिता का नाम लायकराम है, लेकिन कल्लू का नाम तो सही परंतु इनके पिता का नाम लायराम दर्ज है इसमें से क गायब है। इस प्रकार की त्रुटियों के चलते लोगों को कार्ड होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा था। यहां तक लोग नाम सही कराने के लिए सीएचसी से लेकर सीएमओ कार्यालय तक चक्कर काटते थे।
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उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा था। ऐसे में लोग आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी पैसा देकर इलाज कराने को मजबूर थे। मुख्यालय पर नाम संशोधन की कोई सुविधा नहीं थी। साचीज ने जारी आदेश में अब मुख्यालय पर यह सुविधा उपलब्ध करा दी है इससे कार्डधारकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
नहीं मिल रही इलाज की सुविधा
प्रमोद ने बताया कि उसकी माता का नाम कमला देवी है और आयुष्मान कार्ड भी बना हुआ है। पेट में पथरी है चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी है। निजी अस्पताल वाले 40 हजार रुपये मांग रहे हैं। सरकारी अस्पताल से यह कहकर वापस कर दिया गया कि नाम गलत है पहले कार्ड पर नाम सही कराओ तब ऑपरेशन हो सकेगा।
कार्ड है लेकिन नाम से मात्रा गायब
कौशल ने बताया कि उसका आयुष्मान कार्ड बना है। सड़क हादसे में पैर टूट गया है चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी है। निजी अस्पताल का खर्च 70 से 80 हजार रुपये हैं जो वहन कर पाना संभव नहीं है। आयुष्मान कार्ड है लेकिन नाम से मात्रा गायब है इसके चलते इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
आयुष्मान कार्ड को लेकर कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही थी। इसको लेकर लगातार साचीज से पत्राचार चल रहा था। शासन स्तर पर इसमें कुछ बदलाव किया गया है लेकिन अभी लिखित में कुछ प्राप्त नहीं हुआ है, फिर भी शासन का जो आदेश होगा उसका पूरी तरह से अनुपालन कराया जाएगा।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ
जिले में 17 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने हैं इनमें से करीब 11 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बना दिए गए हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या नाम मिसमैच की है। आधार में नाम रामदुलारे है लेकिन आयुष्मान कार्ड में रामदुलार दर्ज है। इसी प्रकार किसके नाम से मात्रा गायब है तो किसी के नाम में पिता का नाम गलत दर्ज हो गया है।
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कल्लू के पिता का नाम लायकराम है, लेकिन कल्लू का नाम तो सही परंतु इनके पिता का नाम लायराम दर्ज है इसमें से क गायब है। इस प्रकार की त्रुटियों के चलते लोगों को कार्ड होने के बाद भी लाभ नहीं मिल पा रहा था। यहां तक लोग नाम सही कराने के लिए सीएचसी से लेकर सीएमओ कार्यालय तक चक्कर काटते थे।
उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा था। ऐसे में लोग आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी पैसा देकर इलाज कराने को मजबूर थे। मुख्यालय पर नाम संशोधन की कोई सुविधा नहीं थी। साचीज ने जारी आदेश में अब मुख्यालय पर यह सुविधा उपलब्ध करा दी है इससे कार्डधारकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
नहीं मिल रही इलाज की सुविधा
प्रमोद ने बताया कि उसकी माता का नाम कमला देवी है और आयुष्मान कार्ड भी बना हुआ है। पेट में पथरी है चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी है। निजी अस्पताल वाले 40 हजार रुपये मांग रहे हैं। सरकारी अस्पताल से यह कहकर वापस कर दिया गया कि नाम गलत है पहले कार्ड पर नाम सही कराओ तब ऑपरेशन हो सकेगा।
कार्ड है लेकिन नाम से मात्रा गायब
कौशल ने बताया कि उसका आयुष्मान कार्ड बना है। सड़क हादसे में पैर टूट गया है चिकित्सक ने ऑपरेशन की सलाह दी है। निजी अस्पताल का खर्च 70 से 80 हजार रुपये हैं जो वहन कर पाना संभव नहीं है। आयुष्मान कार्ड है लेकिन नाम से मात्रा गायब है इसके चलते इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वर्जन
आयुष्मान कार्ड को लेकर कई प्रकार की समस्याएं सामने आ रही थी। इसको लेकर लगातार साचीज से पत्राचार चल रहा था। शासन स्तर पर इसमें कुछ बदलाव किया गया है लेकिन अभी लिखित में कुछ प्राप्त नहीं हुआ है, फिर भी शासन का जो आदेश होगा उसका पूरी तरह से अनुपालन कराया जाएगा।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ