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Barabanki News: गैस सिलिंडर मिलता नहीं बंदी की कगार पर कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 03 May 2026 01:59 AM IST
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बाराबंकी। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर के बढ़े दामों ने कारोबारियों की बेचैनी बढ़ा दी है। इनको अपना भविष्य अंधकारमय होता नजर आ रहा है। एक ओर सिलिंडर मिल नहीं रहा है और यदि अपने उत्पादों का दाम बढ़ाते हैं तो धंधा बंद होने का खतरा है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशान छोटे कारोबारी हैं, जिनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। उत्पादों के दाम बढ़ाना इनकी मजबूरी बन गई है।
शहर में ठेला लगाकर चाट समोसा, टिक्की, छोला, भटूरा, चावल, चाय, खस्ता और छोला कुल्चा बेचने वालों की संख्या सैकड़ों में है। अभी तक यह लोग कॉमर्शियल सिलिंडर से अपना कारोबार चलाते आ रहे हैं। पिछले दो महीने से गैस को लेकर उपजे संकट से इनका कारोबार खासा प्रभावित हुआ है। ये अलग बात है कि इन्हें बीच-बीच में जैसे तैसे सिलिंडर मिल जा रहे थे, जिससे किसी तरह से परिवार की गाड़ी चल रही थी। सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए जाने से कारोबार काफी प्रभावित: छाया चौराहे पर पूड़ी, छोला, चावल और खस्ता की दुकान लगाने वाले उमेश बताते हैं कि धंधा पहले से ही मंदी की मार से जूझ रहा है, ऐसे में सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए जाने से कारोबार काफी प्रभावित होगा। हम लोग उत्पादों के दाम बढ़ाते हैं तो बिक्री कम हो जाएगी।
राजकीय इंटर कॉलेज के पास चाट का ठेला लगाकर परिवार चलाने वाले मनोहर का कहना है कि लोग पहले से महंगाई से परेशान हैं। सिलिंडर के दाम बढ़ने से चाट के दाम भी बढ़ाने ही पड़ेंगे। खुद का नुकसान करके धंधा करना अपने साथ धोखा करना है।
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शहर में ठेला लगाकर चाट समोसा, टिक्की, छोला, भटूरा, चावल, चाय, खस्ता और छोला कुल्चा बेचने वालों की संख्या सैकड़ों में है। अभी तक यह लोग कॉमर्शियल सिलिंडर से अपना कारोबार चलाते आ रहे हैं। पिछले दो महीने से गैस को लेकर उपजे संकट से इनका कारोबार खासा प्रभावित हुआ है। ये अलग बात है कि इन्हें बीच-बीच में जैसे तैसे सिलिंडर मिल जा रहे थे, जिससे किसी तरह से परिवार की गाड़ी चल रही थी। सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए जाने से कारोबार काफी प्रभावित: छाया चौराहे पर पूड़ी, छोला, चावल और खस्ता की दुकान लगाने वाले उमेश बताते हैं कि धंधा पहले से ही मंदी की मार से जूझ रहा है, ऐसे में सिलिंडर के दाम बढ़ा दिए जाने से कारोबार काफी प्रभावित होगा। हम लोग उत्पादों के दाम बढ़ाते हैं तो बिक्री कम हो जाएगी।
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राजकीय इंटर कॉलेज के पास चाट का ठेला लगाकर परिवार चलाने वाले मनोहर का कहना है कि लोग पहले से महंगाई से परेशान हैं। सिलिंडर के दाम बढ़ने से चाट के दाम भी बढ़ाने ही पड़ेंगे। खुद का नुकसान करके धंधा करना अपने साथ धोखा करना है।
