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Barabanki News: मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहे अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:47 AM IST
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बाराबंकी। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर एक ऐसा मकड़जाल फैला है जहां दवा बेचने के लाइसेंस पर ऑपरेशन थिएटर चलाए जा रहे हैं। जिले में सक्रिय झोलाछाप अब केवल गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल स्टोर संचालकों ने इसे एक संगठित अपराध का रूप दे दिया है। स्थिति यह है कि सतरिख, कोठी और रामसनेहीघाट जैसे क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर की दुकानों के पीछे गुपचुप तरीके से पूरे अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां मरीजों की जिंदगी दांव पर लगाकर सर्जरी तक की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्वयं में एक बड़ी विसंगति दर्शाते हैं। जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या मात्र 320 है, जबकि मेडिकल स्टोरों की संख्या 3200 के पार है। सवाल है कि क्या इन मेडिकल स्टोरों की निगरानी के लिए पर्याप्त तंत्र मौजूद है? सतरिख और कोठी में हुई हालिया मौतें इस बात का प्रमाण हैं कि दवा की दुकानों में बिना विशेषज्ञता के इलाज किया जा रहा है। जब स्थिति अनियंत्रित होती है, तो संचालक पल्ला झाड़ लेते हैं और उचित इलाज के अभाव में मरीज दम तोड़ देते हैं।
नियमित डॉक्टर के बिना चलता है अस्पताल
रामसनेहीघाट। मोहम्मदपुर कीरत से सिद्धौर मार्ग पर थोरथिया चौराहे के पास सूर्याश हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन डॉ. विपिन कुमार सिंह के नाम दर्ज है। संचालन महेश कुमार गुप्ता द्वारा किया जा रहा है। कोटवा सड़क से कोटवाधाम मार्ग पर सैदखानपुर रेलवे स्टेशन के पास एसएन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर का रजिस्ट्रेशन शैलेन्द्र कुमार वर्मा के नाम से है पर संचालन किसी और के द्वारा किया जा रहा है।
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नियमित डॉक्टर के बिना चलता है अस्पताल
रामसनेहीघाट। मोहम्मदपुर कीरत से सिद्धौर मार्ग पर थोरथिया चौराहे के पास सूर्याश हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन डॉ. विपिन कुमार सिंह के नाम दर्ज है। संचालन महेश कुमार गुप्ता द्वारा किया जा रहा है। कोटवा सड़क से कोटवाधाम मार्ग पर सैदखानपुर रेलवे स्टेशन के पास एसएन हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर का रजिस्ट्रेशन शैलेन्द्र कुमार वर्मा के नाम से है पर संचालन किसी और के द्वारा किया जा रहा है।