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Barabanki News: बजट खर्च करने में लोक निर्माण विभाग आगे
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:51 AM IST
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बाराबंकी। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार में देर शाम तक बिलों का भुगतान होता रहा। विभागों ने भी बजट खर्च करने मेंं खूब रूचि दिखाई।
शासन द्वारा आवंटित बजट को खर्च करने में लोक निर्माण विभाग जहां पहले स्थान पर रहा है वहीं दूसरे स्थान पर पुलिस महकमा रहा तो सिंचाई विभाग भी किसी से पीछे नहीं रहा। वहीं वन विभाग खर्च में अन्य विभागों के पीछे रहा। इसके अलावा अन्य विभाग भी बचा हुआ बजट खपाने के लिए मंगलवार को पूरा दिन माथापच्ची करते रहे और बिलों को बना-बनाकर कोषागार भेजे जाते रहे।
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में लोक निर्माण विभाग ने करीब 105 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर डाली। विभाग द्वारा लगाए गए बिलों को भुगतान कोषागार से देर शाम तक होता रहा है। पुलिस विभाग ने माह के अंत तक करीब 34 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की। वहीं सिंचाई विभाग ने माह के अंतिम दिन तक करीब 26.50 करोड़ रुपये खर्च किए।
वहीं मार्च माह में स्वास्थ्य विभाग ने करीब 13 करोड़ रुपये तो शिक्षा विभाग ने 13 करोड़ 19 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर डाली। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग भी जारी किए गए बजट को खपाने में किसी से पीछे नहीं रहा और माह के अंत तक विभाग ने भी करीब 8 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की।
इसके अलावा कृषि विभाग ने 3 करोड़ रुपये खर्च किए तो विकास विभाग ने 3 करोड़ और वन विभाग ने दो करोड़ रुपये की धनराशि वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में खर्च की। मंगलवार को अवकाश होने के बाद भी विभाग बचे बजट को खर्च करने और बकाया बिलों का भुगतान कराने में जुटे रहे।
वर्जन
विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन तक जितने भी बिल लगाए गए उन सभी का भुगतान कराया दिया गया है। विभागों को कोई असुविधा न हो इसके लिए शासन के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोला गया।
अमित कुमार सिंह, कोषाधिकारी
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शासन द्वारा आवंटित बजट को खर्च करने में लोक निर्माण विभाग जहां पहले स्थान पर रहा है वहीं दूसरे स्थान पर पुलिस महकमा रहा तो सिंचाई विभाग भी किसी से पीछे नहीं रहा। वहीं वन विभाग खर्च में अन्य विभागों के पीछे रहा। इसके अलावा अन्य विभाग भी बचा हुआ बजट खपाने के लिए मंगलवार को पूरा दिन माथापच्ची करते रहे और बिलों को बना-बनाकर कोषागार भेजे जाते रहे।
वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में लोक निर्माण विभाग ने करीब 105 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर डाली। विभाग द्वारा लगाए गए बिलों को भुगतान कोषागार से देर शाम तक होता रहा है। पुलिस विभाग ने माह के अंत तक करीब 34 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की। वहीं सिंचाई विभाग ने माह के अंतिम दिन तक करीब 26.50 करोड़ रुपये खर्च किए।
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वहीं मार्च माह में स्वास्थ्य विभाग ने करीब 13 करोड़ रुपये तो शिक्षा विभाग ने 13 करोड़ 19 लाख रुपये की धनराशि खर्च कर डाली। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग भी जारी किए गए बजट को खपाने में किसी से पीछे नहीं रहा और माह के अंत तक विभाग ने भी करीब 8 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की।
इसके अलावा कृषि विभाग ने 3 करोड़ रुपये खर्च किए तो विकास विभाग ने 3 करोड़ और वन विभाग ने दो करोड़ रुपये की धनराशि वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में खर्च की। मंगलवार को अवकाश होने के बाद भी विभाग बचे बजट को खर्च करने और बकाया बिलों का भुगतान कराने में जुटे रहे।
वर्जन
विभागों द्वारा वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन तक जितने भी बिल लगाए गए उन सभी का भुगतान कराया दिया गया है। विभागों को कोई असुविधा न हो इसके लिए शासन के निर्देश पर अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोला गया।
अमित कुमार सिंह, कोषाधिकारी