{"_id":"69bda62447da7b2971097097","slug":"poles-erected-wires-drawn-yet-mangalpurwa-remains-in-the-dark-barabanki-news-c-315-1-brp1005-162001-2026-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: खंभे खड़े, तार खिंचे... फिर भी अंधेरे में मंगलपुरवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: खंभे खड़े, तार खिंचे... फिर भी अंधेरे में मंगलपुरवा
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 21 Mar 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। डिजिटल इंडिया के दौर में जहां सरकार हर घर रोशन करने का दावा कर रही है, वहीं बजगहनी का मंगल पुरवा गांव आज भी अंधेरे और भीषण गर्मी की मार झेल रहा है। गांव में बिजली के खंभे और केबल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन की सुस्ती और कागजी कार्रवाई के चलते ग्रामीणों के घरों तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले गांव में खंभे गाड़ने और तार खींचने का काम पूरा हो गया था। उस समय लगा था कि दशकों का इंतजार खत्म होगा लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगभग 25 ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन के लिए औपचारिक आवेदन भी किया लेकिन विभाग की फाइलें आगे नहीं बढ़ीं।
भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीण जगदीश प्रसाद ने विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दो महीने पहले आए कुछ कर्मियों ने 20 ग्रामीणों से आधार कार्ड और कनेक्शन के नाम पर 3-3 हजार रुपये वसूले। पैसे लेने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
काैन सुने हमारी पीड़ा
भीषण गर्मी और अंधेरे ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीण सरोज बताती हैं कि बल्ब और पंखा अब उनके लिए एक सपना बन गए हैं। कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला। आज भी लोग अंधेरे में जीवन काटने को मजबूर हैं।
अधिकारियों का तर्क
इस मामले पर जेई विकास शुक्ला का कहना है कि गांव में खंभे और केबल लगाने का काम हो चुका है, लेकिन मुख्य समस्या ट्रांसफार्मर की कमी है। उन्होंने दावा किया कि उच्चाधिकारियों को ट्रांसफार्मर की मांग भेजी गई है और उपलब्धता होते ही कनेक्शन चालू कर दिए जाएंगे।
Trending Videos
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन महीने पहले गांव में खंभे गाड़ने और तार खींचने का काम पूरा हो गया था। उस समय लगा था कि दशकों का इंतजार खत्म होगा लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगभग 25 ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन के लिए औपचारिक आवेदन भी किया लेकिन विभाग की फाइलें आगे नहीं बढ़ीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
भ्रष्टाचार के आरोप
ग्रामीण जगदीश प्रसाद ने विभाग के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दो महीने पहले आए कुछ कर्मियों ने 20 ग्रामीणों से आधार कार्ड और कनेक्शन के नाम पर 3-3 हजार रुपये वसूले। पैसे लेने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
काैन सुने हमारी पीड़ा
भीषण गर्मी और अंधेरे ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीण सरोज बताती हैं कि बल्ब और पंखा अब उनके लिए एक सपना बन गए हैं। कई बार मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला। आज भी लोग अंधेरे में जीवन काटने को मजबूर हैं।
अधिकारियों का तर्क
इस मामले पर जेई विकास शुक्ला का कहना है कि गांव में खंभे और केबल लगाने का काम हो चुका है, लेकिन मुख्य समस्या ट्रांसफार्मर की कमी है। उन्होंने दावा किया कि उच्चाधिकारियों को ट्रांसफार्मर की मांग भेजी गई है और उपलब्धता होते ही कनेक्शन चालू कर दिए जाएंगे।