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Barabanki News: आलू डंप, नहीं मिल रहे खरीदार, किसान परेशान

Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 01:55 AM IST
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Potato dumped, no buyers available, farmers upset
मधवाजलालपुर गांव के हेमंत मौर्या अपने घर में आलू सहेजते हुए। - फोटो : मधवाजलालपुर गांव के हेमंत मौर्या अपने घर में आलू सहेजते हुए।
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रामनगर। इस बार आलू का रकबा बढ़ा और मौसम की मेहरबानी से पैदावार भी शानदार रही, लेकिन बाजार में सब्जियों के राजा आलू की चमक फीकी पड़ गई है। वैश्विक बाजार की चुनौतियों और खरीदारों की बेरुखी के कारण किसानों को अपनी फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। उधर कोल्ड स्टोर संचालकाें ने हाउसफुल का बोर्ड लगा दिया है। इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
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मंडियों में आलू की गिरती कीमतों ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। रामनगर तहसील के मधवा जलालपुर निवासी हेमंत मौर्या हर वर्ष एक एकड़ में आलू उगाते हैं। वह बताते हैं कि पिछले वर्षों में खोदाई होते ही कारोबारी सक्रिय हो जाते थे, जिससे आलू के भाव अच्छे मिलते थे। इस बार कारोबारी नहीं मिले। एक एकड़ में करीब 200 कट्टा आलू का उत्पादन हुआ। खरीदार न मिलने की वजह से आलू घर में ही डंप करना पड़ा। उन्होंने कई कारोबारियों से संपर्क किया, मगर सब ने हाथ खड़े कर दिए। पिछले साल जो कट्टा 500-600 रुपये में बिका था, वह आज 200 रुपये में भी मुश्किल से बिक रहा है। यदि यही हाल रहा तो किसानों को आलू फेंकना पड़ेगा।
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आलू भंडारण का भाड़ा देना मुश्किल
टेपरा गांव के किसान शेखर पाल का भी यही हाल है। इनके साथ ही कई किसानों के घर में आलू डंप है। किसानों का कहना है कि यदि आलू शीतगृह में रखा जाए तो किराया और भाड़ा अलग से देना पड़ेगा। यदि बाद में भी अच्छे दाम नहीं मिले तो किसानों को भारी नुकसान होगा।
एक एकड़ में आता है 50 हजार का खर्च
किसानों का कहना है कि एक एकड़ यानि पांच बीघा खेत में आलू की बोवाई से लेकर खोदाई तक का कुल खर्च करीब 50 हजार रुपये आता है। इसमें खेत की जुताई पर लगभग 4700 रुपये और मशीन से बोवाई पर करीब 2500 रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा 10 क्विंटल आलू के बीज की कीमत लगभग 14000 रुपये पड़ी थी। 10 बोरी डीएपी पर 16000 रुपये, दो बोरी पोटाश पर 3600 रुपये और कीटनाशक दवाइयों पर करीब पांच हजार रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा यूरिया, सिंचाई और आलू की खोदाई पर भी अच्छा खासा खर्च आता है।
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