{"_id":"69cadc0999e8b659e8031730","slug":"sangram-singh-vermas-last-rites-today-in-his-ancestral-village-jarmapur-barabanki-news-c-13-1-lko1001-1669043-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: पैतृक गांव जरमापुर में संग्राम सिंह वर्मा का अंतिम संस्कार आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: पैतृक गांव जरमापुर में संग्राम सिंह वर्मा का अंतिम संस्कार आज
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। पूर्व मंत्री संग्राम सिंह वर्मा का अंतिम संस्कार मंगलवार को हरख ब्लॉक के उनके पैतृक गांव जरमापुर में किया जाएगा। उनके निधन से जिले में शोक की लहर है और बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
संग्राम सिंह वर्मा एक सफल उद्योगपति होने के साथ सक्रिय राजनेता भी रहे। परमेश्वर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुखिया के रूप में उन्होंने पहचान बनाई। वर्ष 1996 में वह विधायक चुने गए और कृषि राज्यमंत्री बने।
वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर दोबारा विधायक निर्वाचित हुए और रेशम उद्योग व कृषि राज्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2012 में चुनाव लड़ा, जबकि वर्ष 2018 में भाजपा और 2022 में सपा में शामिल होकर राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे।
शैक्षणिक व सामाजिक क्षेत्र में भी योगदान : पीआरओ दिनेश वैश्य ने बताया कि संग्राम सिंह ने लखनऊ पॉलीटेक्निक से इंजीनियरिंग डिप्लोमा किया था। शहर के मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय और राम सेवक यादव कॉलेज, कासिमगंज देवा के अध्यक्ष के रूप में भी उनकी भूमिका रही। उनके परिवार में पुत्री रश्मि उर्फ पिंकी समेत तीन भाई-सुरेंद्र सिंह वर्मा, बृज किशोर और नंद किशोर हैं। सुरेंद्र सिंह वर्मा पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी शीला सिंह वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष हैं।
निधन पर लोग लखनऊ के न्यू हैदराबाद स्थित आवास और लक्ष्मणपुरी कॉलोनी पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक : राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप, राकेश कुमार वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज, विधायक धर्मराज यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना व्यक्त की।
Trending Videos
संग्राम सिंह वर्मा एक सफल उद्योगपति होने के साथ सक्रिय राजनेता भी रहे। परमेश्वर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के मुखिया के रूप में उन्होंने पहचान बनाई। वर्ष 1996 में वह विधायक चुने गए और कृषि राज्यमंत्री बने।
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर दोबारा विधायक निर्वाचित हुए और रेशम उद्योग व कृषि राज्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वर्ष 2012 में चुनाव लड़ा, जबकि वर्ष 2018 में भाजपा और 2022 में सपा में शामिल होकर राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे।
शैक्षणिक व सामाजिक क्षेत्र में भी योगदान : पीआरओ दिनेश वैश्य ने बताया कि संग्राम सिंह ने लखनऊ पॉलीटेक्निक से इंजीनियरिंग डिप्लोमा किया था। शहर के मुंशी रघुनंदन प्रसाद सरदार पटेल महिला महाविद्यालय और राम सेवक यादव कॉलेज, कासिमगंज देवा के अध्यक्ष के रूप में भी उनकी भूमिका रही। उनके परिवार में पुत्री रश्मि उर्फ पिंकी समेत तीन भाई-सुरेंद्र सिंह वर्मा, बृज किशोर और नंद किशोर हैं। सुरेंद्र सिंह वर्मा पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, जबकि उनकी पत्नी शीला सिंह वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष हैं।
निधन पर लोग लखनऊ के न्यू हैदराबाद स्थित आवास और लक्ष्मणपुरी कॉलोनी पहुंचकर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक : राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप, राकेश कुमार वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज, विधायक धर्मराज यादव सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना व्यक्त की।
