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Barabanki News: रेलमार्ग पर सौर ऊर्जा से आठ माह में बचाए 1.71 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sat, 31 Jan 2026 12:12 AM IST
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बाराबंकी। घरों, दफ्तरों व खेतों के बाद अब सौर ऊर्जा ने रेलवे के रूटों पर रफ्तार भरना शुरू कर दिया है। इसके चलते ही बाराबंकी से छपरा तक के मुख्य रेल मार्ग पर पूर्वोत्तर रेलवे ने बीते आठ माह में 47.31 लाख यूनिट बिजली स्वयं बनाकर 1.71 करोड़ रुपये की बचत की है। अब रेलवे प्रबंधन सौर ऊर्जा को और रफ्तार देने की कोशिश में जुटा है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने दो साल पहले कार्यालय भवनों, विश्रामगृहों, स्टेशनों और क्राॅसिंग पर परंपरागत बिजली के उपयाेग की बजाय सौर उर्जा के प्रयोग की पहल शुरू की थी। बाराबंकी से छपरा तक 425 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्य रूट है। रेलवे ने सबसे अधिक सोलर पैनल लगाए हैं। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच इन सोलर पैनलों से 47.31 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिससे रेलवे को करीब 1.71 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
रेलवे की योजना यहीं तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 22.17 मेगावॉट क्षमता के रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से मार्च 2026 तक 9.767 मेगावॉट और दिसंबर 2026 तक 9.846 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके पूरा होने पर हर साल 214.76 लाख यूनिट ऊर्जा का उत्पादन होगा और रेलवे को लगभग 15 करोड़ रुपये वार्षिक की बचत होगी। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण दिवस पर पूर्वोत्तर रेलवे को क्षेत्रीय रेलों में सर्वोच्च स्थान मिल चुका है। इसके अलावा रेलवे द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर पंप, सोलर गीजर और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे नॉन-ट्रैक्शन बिजली की खपत में कमी आई है।
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने दो साल पहले कार्यालय भवनों, विश्रामगृहों, स्टेशनों और क्राॅसिंग पर परंपरागत बिजली के उपयाेग की बजाय सौर उर्जा के प्रयोग की पहल शुरू की थी। बाराबंकी से छपरा तक 425 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग पूर्वोत्तर रेलवे का मुख्य रूट है। रेलवे ने सबसे अधिक सोलर पैनल लगाए हैं। अप्रैल से दिसंबर 2025 के बीच इन सोलर पैनलों से 47.31 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिससे रेलवे को करीब 1.71 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
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रेलवे की योजना यहीं तक सीमित नहीं है। पूर्वोत्तर रेलवे पर कुल 22.17 मेगावॉट क्षमता के रूफ टॉप सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से मार्च 2026 तक 9.767 मेगावॉट और दिसंबर 2026 तक 9.846 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके पूरा होने पर हर साल 214.76 लाख यूनिट ऊर्जा का उत्पादन होगा और रेलवे को लगभग 15 करोड़ रुपये वार्षिक की बचत होगी। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण दिवस पर पूर्वोत्तर रेलवे को क्षेत्रीय रेलों में सर्वोच्च स्थान मिल चुका है। इसके अलावा रेलवे द्वारा सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर पंप, सोलर गीजर और ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है, जिससे नॉन-ट्रैक्शन बिजली की खपत में कमी आई है।
