{"_id":"69dfedaea78792e8e201b10d","slug":"the-children-of-vedam-world-school-were-filled-with-curiosity-about-kashmiri-culture-barabanki-news-c-315-1-brp1006-164438-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: कश्मीरी संस्कृति जान उत्सुकता से भर उठे वेदम वर्ल्ड स्कूल के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: कश्मीरी संस्कृति जान उत्सुकता से भर उठे वेदम वर्ल्ड स्कूल के बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 16 Apr 2026 01:27 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। कश्मीर में लोग क्या खाते है। क्या पहनते हैं। जीवनशैली कैसी है। यह सब शहर के असेनी के पास स्थित वेदम वर्ल्ड स्कूल के बच्चों ने बुधवार को विस्तार से जाना। स्कूल में प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा पहल के तहत कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।
वर्चुअल रूप से इस सत्र का संचालन कश्मीर की मूल निवासी तंजीला ने किया। वह वर्तमान में दिल्ली में विमानन पाठ्यक्रम कर रही हैं और पायलट बनने की तैयारी में जुटी है। तंजीला ने विद्यार्थियों को कश्मीर की समृद्ध संस्कृति और विरासत से परिचित कराया। उन्होंने ईद और शिकारा महोत्सव जैसे पारंपरिक त्योहारों के साथ-साथ डल झील और गुलमर्ग जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके अलावा उन्होंने पारंपरिक कश्मीरी परिधान फेरन की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। व्याख्यान के दौरान छात्रों को कश्मीरी खानपान की झलक भी मिली। वजवान और कहवा जैसे लोकप्रिय व्यंजनों के बारे में बताया। प्रधानाचार्या उमा जोशी व अन्य शिक्षिकाओं की मौजूदगी इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को साझा किया। रोचक चर्चा के कारण पूरा माहौल जीवंत बना रहा और छात्र इतने तल्लीन रहे कि वे सत्र को और लंबा चलाने की इच्छा जताते नजर आए।
विज्ञापन
वर्चुअल रूप से इस सत्र का संचालन कश्मीर की मूल निवासी तंजीला ने किया। वह वर्तमान में दिल्ली में विमानन पाठ्यक्रम कर रही हैं और पायलट बनने की तैयारी में जुटी है। तंजीला ने विद्यार्थियों को कश्मीर की समृद्ध संस्कृति और विरासत से परिचित कराया। उन्होंने ईद और शिकारा महोत्सव जैसे पारंपरिक त्योहारों के साथ-साथ डल झील और गुलमर्ग जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा उन्होंने पारंपरिक कश्मीरी परिधान फेरन की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। व्याख्यान के दौरान छात्रों को कश्मीरी खानपान की झलक भी मिली। वजवान और कहवा जैसे लोकप्रिय व्यंजनों के बारे में बताया। प्रधानाचार्या उमा जोशी व अन्य शिक्षिकाओं की मौजूदगी इस दौरान विद्यार्थियों ने उत्सुकतापूर्वक प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को साझा किया। रोचक चर्चा के कारण पूरा माहौल जीवंत बना रहा और छात्र इतने तल्लीन रहे कि वे सत्र को और लंबा चलाने की इच्छा जताते नजर आए।