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Barabanki News: वाहन स्वामी को 3.65 लाख की क्षतिपूर्ति दे कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:06 AM IST
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बाराबंकी। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने वाहन कंपनी अशोक लीलैंड लिमिटेड को आदेश दिया कि परिवादी वाहन स्वामी को 3.65 लाख की क्षतिपूर्ति के रुप में भुगतान करे। आयोग ने कहा कि निर्णय पारित होने के 45 दिनों के भीतर भुगतान करना होगा। यदि उक्त अवधि में भुगतान नहीं किया गया तो पूरी धनराशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देय होगा।
मामला थाना तहसील सिरौलीगौसपुर के किंतूर गांव का है। इस गांव के निवासी मुशीन अहमद द्वारा 24 जनवरी 2024 को परिवाद दायर कर बताया था कि उन्होंने डीसीएम कंपनी के शोरूम से 28 लाख पचास रुपये में लखनऊ से 14 नवंबर 2022 को क्रय किया था। कुछ दिन बाद ही गाड़ी को 60-70 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने पर गाड़ी स्वयं ही 20 किलोमीटर की गति पर आ जाती थी। जिससे कई बार दुर्घटना होने से बची। इस पर उन्होंने कंपनी के लखनऊ स्थित कार्यालय के प्रबंधक, एजेंसी व मालिक आदि से संपर्क किया। इस दौरान कई जगहों पर गाड़ी को बनवाया गया, किंतु गड़बड़ी ठीक नहीं हो सकी। इससे 19 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील और प्रपत्रों को देखते हुए निर्देश दिया कि वाहन के खराब पार्ट्स को बदलकर नए पार्ट्स लगाकर ठीक करें यदि वाहन ठीक किया जाना संभव न हो तो यह वाहन वापस लेकर उसी मानक का दूसरा वाहन प्रदान करें। तीन सदस्यीय कमेटी ने चार विपक्षियों में से दो को 3.65 लाख की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए।
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मामला थाना तहसील सिरौलीगौसपुर के किंतूर गांव का है। इस गांव के निवासी मुशीन अहमद द्वारा 24 जनवरी 2024 को परिवाद दायर कर बताया था कि उन्होंने डीसीएम कंपनी के शोरूम से 28 लाख पचास रुपये में लखनऊ से 14 नवंबर 2022 को क्रय किया था। कुछ दिन बाद ही गाड़ी को 60-70 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने पर गाड़ी स्वयं ही 20 किलोमीटर की गति पर आ जाती थी। जिससे कई बार दुर्घटना होने से बची। इस पर उन्होंने कंपनी के लखनऊ स्थित कार्यालय के प्रबंधक, एजेंसी व मालिक आदि से संपर्क किया। इस दौरान कई जगहों पर गाड़ी को बनवाया गया, किंतु गड़बड़ी ठीक नहीं हो सकी। इससे 19 लाख 50 हजार रुपये का नुकसान हुआ। आयोग ने दोनों पक्षों की दलील और प्रपत्रों को देखते हुए निर्देश दिया कि वाहन के खराब पार्ट्स को बदलकर नए पार्ट्स लगाकर ठीक करें यदि वाहन ठीक किया जाना संभव न हो तो यह वाहन वापस लेकर उसी मानक का दूसरा वाहन प्रदान करें। तीन सदस्यीय कमेटी ने चार विपक्षियों में से दो को 3.65 लाख की क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए।
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