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Barabanki News: पहले दिन ही धड़ाम हुई क्यूआर कोड व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:14 AM IST
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जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगी भीड़।
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बाराबंकी। मरीजों की सुविधा के लिए लागू की गई क्यूआर कोड व्यवस्था पहले दिन ही धड़ाम हो गई। कोड स्कैन करने के लिए मरीज एप पर जूझते रहे पर परचे नहीं बन सके। इसके लिए मरीजों को घंटों लाइन में लगना, पड़ा तब जाकर परचा बन सका। शनिवार हाेने के बाद भी अस्पताल में भीड़ इतनी ज्यादा रही कि डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में मरीजों के पसीने छूट गए।
जिला अस्पताल में बढ़ती मरीजों की भीड़ और परचा बनवाने में हो रही दिक्कतों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने शनिवार से क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की। यह व्यवस्था पहले दिन ही सफल नहीं हो सकी। मरीज एप पर कोड स्कैन करते रहे, लेकिन वह स्कैन नहीं हो रहा था, जिसके चलते मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दवा लेने आए मोहब्बत अली, शाकिर अली, कैलाश, नौमी लाल ने बताया कि हम लोगों को कोड के विषय में कोई जानकारी नहीं है। इससे हम लोगों ने लाइन में लगकर ही परचा बनवाया।
परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे राकेश और कौशल ने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन कार्य नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से लाइन में लग कर पर्चा बनवाना पड़ा। ओपीडी में शनिवार को करीब 1675 मरीज देखे गए। भीड़ की वजह से मरीजों को डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए घंटों लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान सर्दी, जुकाम और बुखार 378, सांस के 217, बदनदर्द के 297, पेटदर्द के 270, त्वचारोग के 389, हड्डीरोग के 278 मरीज देखे गए। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की गई है जानकारी के अभाव में मरीजों को असुविधा हुई है। इसके लिए दो कर्मियों को लगाया जाएगा जो लोगों को इसके बारे में जानकारी देंगे।
फोटो- 10
एक घंटे बाद जाकर बना परचा
सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होने पर दवा लेने आए जगन्नाथ प्रसाद बतातें हैं कि करीब एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद जाकर परचा बन सका। क्यूआर कोड के विषय में हमें कोई जानकारी नहीं है।
बाक्स
फोटो- 11
डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में लगे सवा दो घंटे
त्वचारोग की दवा लेने आए राजेंद्र ने बताया कि जब क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो सका तो लाइन में लगकर परचा बनवाया। इस दौरान डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में करीब सवा दाे घंटे लग गए।
बाक्स
तीसरे दिन भी सही नहीं हुई सीटी स्कैन मशीन
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन तीसरे दिन भी सही नहीं हो सकी। जिसके चलते जांच कराने के लिए रामतीर्थ, हेस्साम, नादिर बिना जांच कराए ही वापस लौट गए। इन लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हम लोग लौट रहे हैं। सीएमएस ने बताया कि इंजीनियर मशीन को सही करने के प्रयास में लगे हुए हैं।
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परचा बनवाने के लिए लाइन में लगे राकेश और कौशल ने बताया कि क्यूआर कोड स्कैन कार्य नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से लाइन में लग कर पर्चा बनवाना पड़ा। ओपीडी में शनिवार को करीब 1675 मरीज देखे गए। भीड़ की वजह से मरीजों को डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए घंटों लाइन में लग कर इंतजार करना पड़ा। इस दौरान सर्दी, जुकाम और बुखार 378, सांस के 217, बदनदर्द के 297, पेटदर्द के 270, त्वचारोग के 389, हड्डीरोग के 278 मरीज देखे गए। सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि मरीजों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की गई है जानकारी के अभाव में मरीजों को असुविधा हुई है। इसके लिए दो कर्मियों को लगाया जाएगा जो लोगों को इसके बारे में जानकारी देंगे।
फोटो- 10
एक घंटे बाद जाकर बना परचा
सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होने पर दवा लेने आए जगन्नाथ प्रसाद बतातें हैं कि करीब एक घंटे तक लाइन में लगने के बाद जाकर परचा बन सका। क्यूआर कोड के विषय में हमें कोई जानकारी नहीं है।
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डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में लगे सवा दो घंटे
त्वचारोग की दवा लेने आए राजेंद्र ने बताया कि जब क्यूआर कोड स्कैन नहीं हो सका तो लाइन में लगकर परचा बनवाया। इस दौरान डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने में करीब सवा दाे घंटे लग गए।
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तीसरे दिन भी सही नहीं हुई सीटी स्कैन मशीन
जिला अस्पताल में लगी सीटी स्कैन मशीन तीसरे दिन भी सही नहीं हो सकी। जिसके चलते जांच कराने के लिए रामतीर्थ, हेस्साम, नादिर बिना जांच कराए ही वापस लौट गए। इन लोगों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से हम लोग लौट रहे हैं। सीएमएस ने बताया कि इंजीनियर मशीन को सही करने के प्रयास में लगे हुए हैं।