सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   The foundation of the bridge at Bajpura Ghat was laid with the bricks of struggle.

Barabanki News: संघर्षों की ईंट से रखी गई बाजपुरा घाट पर पुल की नींव

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Wed, 15 Apr 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
The foundation of the bridge at Bajpura Ghat was laid with the bricks of struggle.
विज्ञापन
बाराबंकी। आजादी के बाद से जिले की सबसे पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांगों में से एक गोमती नदी के बाजपुरा-टीकाराम घाट पर पक्के पुल का आखिरकार मंगलवार को शिलान्यास हुआ। खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा व हैदरगढ़ के विधायक दिनेश रावत ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पुल निर्माण की ईंट रखी। 32.33 करोड़ रुपये की लागत से 19 पिलर पर बनने जा रहा यह पुल बाजपुरा घाट को टीकारामनधाम से जोड़ेगा।

इस मौके पर मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि जब गांव जुड़ते हैं तो मेल मिलाप, रोजगार पैदा होता है। नाव की दुर्गम यात्रा से मुक्ति मिलेगी। टीकारामनधाम आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। विधायक दिनेश रावत ने कहा कि पुल निर्माण को लेकर पिछली सरकारें केवल वादा करती रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपना साकार कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी के बाद से जिले की सबसे पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांगों में से एक गोमती नदी के बाजपुरा-टीकाराम घाट पर पक्के पुल का सपना आखिरकार हकीकत में बदलने जा रहा है। करीब 50 वर्षों तक यह मुद्दा चुनावी सभाओं में गूंजा।
विज्ञापन

पुल बनने से 250 गांव-मजरों के लाखों ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए करीब 15 से 25 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख आरती रावत, भाजपा जिला मंत्री केके सिंह मुन्नू, राजकुमार सिंह, संत कुमार शुक्ला, प्रधान रामकिशोर मिश्रा, रामदेव सिंह, अरुण शुक्ला, राजेश विश्वकर्मा, अखिलेश मिश्रा, सोनू सिंह, गौरव सिंह, संदीप मिश्रा, सुशील जायसवाल, मोनू सिंह, धर्मराज पांडेय मौजूद रहे।

संघर्ष की गाथा
- साल 2016 में सेतु निर्माण संघर्ष समिति का गठन हुआ और 21 जुलाई 2016 को सैकड़ों ग्रामीणों ने गोमती नदी में उतरकर ऐतिहासिक जल सत्याग्रह शुरू किया।
- सपा शासनकाल में नवंबर 2016 में गोमती नदी पर पीपे का अस्थायी पुल बनाया गया। लेकिन हर साल बरसात में यह पुल चार महीने बंद रहता है।
- विधायक दिनेश रावत के प्रस्ताव पर 20 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री ने पुल निर्माण की मंजूरी देते हुए 32.31 करोड़ मंजूर कर दिए। पहली किस्त भी जारी हो चुकी है।

इन गांवों को राहत
ताला, बेहटा, रुकनुद्दीनपुर, मोहम्मदपुर, जोंधी, शिवराजपुर, नरौली, हरपालपुर, बीजापुर, बरावां, बैरिहा, सालपुर, दुर्गापुरवा, कमेला जैसे गांव हों या नदी पार के बाजपुरा, भेड़िया, पलौली, चकतारा, मेनहुआ, कादीपुर, नई सड़क, बबुरिया सभी की कहानी लगभग एक जैसी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed