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Barabanki News: अनुभव के लोहे को शिक्षा की धार, इंजीनियर बनेंगे फैक्टरियों के कामगार

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Thu, 02 Apr 2026 02:20 AM IST
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The iron of experience is sharpened by education, factory workers become engineers.
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बाराबंकी। जिले की फैक्टरियों में सायरन, दिनभर मशीनों की आवाज और शाम को थकान के साथ घर लौटते कामगारों के लिए अब उम्मीद की एक नई किरण जगी है। ये कर्मचारी व मजदूर सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपना काम करते हुए पढ़ाई के जरिये इंजीनियर बनकर भविष्य को नई दिशा भी दे सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत अब सरकारी, गैर सरकारी और निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा।
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जिले के कुर्सी इंडस्ट्रियल एरिया के साथ शहर के आसपास दर्जनों फैक्टरियां संचालित हैं। इनमें हजारों की संख्या में युवक-युवतियां काम करते हैं। अब तक इन युवाओं के पास पढ़ाई जारी रखने का सीमित विकल्प था, लेकिन नई व्यवस्था ने उनके लिए फैक्टरी से क्लासरूम तक का रास्ता खोल दिया है। बाराबंकी में जहांगीराबाद रोड, हरख व कुर्सी रोड स्थित तीन प्रमुख राजकीय पॉलीटेक्निक संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा फतेहपुर का महिला पॉलीटेक्निक व सिरौलीगौसपुर का पॉलीटेक्निक भी संचालित होने की राह पर हैं। जिले में निजी पॉलीटेक्निक कॉलेज भी हैं, जहां इस योजना के तहत प्रवेश लिया जा सकेगा। इस नई व्यवस्था के तहत आवेदन प्रक्रिया जून से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी अधिकतम तीन डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए कम से कम एक वर्ष का औद्योगिक अनुभव होना जरूरी होगा। साथ ही जिस संस्थान में अभ्यर्थी काम कर रहा है, वह संबंधित पॉलीटेक्निक से 50 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। किसी भी कोर्स के संचालन के लिए यह जरूरी होगा कि प्रवेश संख्या स्वीकृत सीटों की कम से कम एक-तिहाई हो। (संवाद)
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मेरिट बनाएगी रास्ता, अनुभव को मिलेगा सम्मान
दाखिला पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा। कुल 100 अंकों में चयन किया जाएगा। हाईस्कूल प्रथम श्रेणी के लिए 50 अंक, द्वितीय श्रेणी के लिए 40 अंक, तृतीय श्रेणी के लिए 30 अंक, इंटरमीडिएट या आईटीआई के लिए 10 अंक मिलेंगे। नई व्यवस्था की खास बात यह है कि काम के अनुभव को भी अहमियत दी गई है। एक से दो वर्ष के का अनुभव पर 10 अंक मिलेंगे। इसके बाद हर अतिरिक्त वर्ष पर पांच अंक और अधिकतम 30 अंक दिए जाएंगे।
राजकीय पॉलीटेक्निक की प्रधानाचार्य राखी सैनी ने बताया कि बेहतर नौकरी और प्रमोशन के मौके देने वाली यह योजना कामगारों के लिए बेहद लाभकारी है। बाराबंकी के औद्योगिक माहौल को देखते हुए यह पहल न सिर्फ युवाओं की योग्यता बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें बेहतर नौकरी और प्रमोशन के मौके भी दिला सकती है।
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