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Barabanki News: तीन मौतों से शादी की सालगिरह की खुशियां मातम में बदलीं, ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आई थी बाइक

अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी Published by: Bhupendra Singh Updated Wed, 10 Jun 2026 11:45 AM IST
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सार

बाराबंकी में तीन मौतों से शादी की सालगिरह की खुशियां मातम में बदल गईं। ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में बाइक आ गई थी। इसमें मां-बेटे और मासूम बच्ची की मौत हो गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर... 

Wedding anniversary celebrations turn into mourning after three deaths in Barabanki accident
घर पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

यूपी के बाराबंकी में बुधवार सुबह सूरज तो रोज की तरह निकला, लेकिन देवा थाना क्षेत्र के मलकासांड गांव की कई चौखटों पर ऐसा सन्नाटा पसरा है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। मंगलवार रात लखनऊ से लौटते समय हुए सड़क हादसे ने मासूम बच्ची सहित तीन जिंदगियां छीन लीं। गांव में हर तरफ सिर्फ एक ही चर्चा है कि कुछ घंटे पहले जो लोग खुशी के कार्यक्रम में गए थे, वे अब कभी वापस नहीं आएंगे। 



मलकासांड गांव निवासी निर्मल अपनी छह वर्षीय बेटी नैना के साथ बहन की शादी की सालगिरह में शामिल होने के लिए लखनऊ के हरिदासखेड़ा गांव गए थे। पड़ोसी और मित्र विजेंद्र (28) व उनकी मां सुधा (50) भी इस खुशी में शरीक होने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद देर रात सभी लोग दो बाइक से घर लौट रहे थे।

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मां-बेटे, मासूम बच्ची की मौत

विजेंद्र अपनी बाइक पर मां सुधा और मासूम नैना को बैठाकर वापस आ रहे थे। वहीं निर्मल दूसरी बाइक से पीछे चल रहे थे। देवा-चिनहट मार्ग पर पहुंचते ही उनकी खुशियों का सफर अचानक मौत के रास्ते में बदल गया।

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पुलिस के अनुसार, खनन कार्य में लगा एक ट्रैक्टर तेज रफ्तार से जा रहा था। इसी दौरान चालक ने अचानक वाहन मोड़ दिया। सामने चल रही बाइक संभलने का मौका भी नहीं पा सकी। ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में बाइक आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि विजेंद्र, उनकी मां सुधा और छह वर्षीय नैना की मौके पर ही मौत हो गई। 

पीछे से आ रहे नैना के पिता निर्मल जब घटनास्थल पर पहुंचे तो सामने का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। सड़क पर बिखरी अपनी बेटी की चप्पलें और हादसे का भयावह दृश्य देखकर वह बदहवास हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन बेटी को खोने का दर्द किसी के लिए भी असहनीय था।

घरों में मची चीख पुकार

हादसे की खबर गांव पहुंची तो मलकासांड में कोहराम मच गया। नैना की मौत की सूचना मिलते ही महिलाओं की चीख-पुकार मच गई। विजेंद्र और उनकी मां सुधा के घर भी मातम छा गया। देर रात से लेकर बुधवार सुबह तक परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

उधर, पोस्टमार्टम हाउस में भी दर्दनाक दृश्य देखने को मिले। परिजन अपने प्रियजनों के शवों के इंतजार में बदहवास नजर आए। हर आंख नम थी और हर जुबान पर यही सवाल था कि आखिर खुशी के एक कार्यक्रम से लौट रहे लोगों की जिंदगी इतनी दर्दनाक तरीके से क्यों खत्म हो गई।

देवा थाना प्रभारी निरीक्षक यशकांत सिंह ने बताया कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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