Bareilly News: ईंट भट्ठे पर जेसीबी से कुचलकर मजदूर के इकलौते बेटे की मौत, हादसे ने छीनीं ईद की खुशियां
बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में स्थित ईंट भट्ठे पर मंगलवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यहां जेसीबी से कुचलकर नौ साल के आलम की मौत हो गई। दर्दनाक हादसे से उसके परिवार में कोहराम मच गया।
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बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव फाजिलपुर के समीप ईंट भट्ठे पर जेसीबी ने आलम (9) को कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर सीओ और इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मंगलवार को हुए हादसे के बाद आरोपी चालक भाग गया।
मसीतवली नगर गांव निवासी रफीक अहमद, गांव फाजिलपुर निवासी सुरेश चंद्र गंगवार के ईंट भट्ठे पर ईंट पाथते हैं। रफीक मंगलवार को बेटे आलम को ईंट भट्ठे पर ले गए थे। शाम 5:00 बजे रफीक ईंट पाथ रहे थे। आलम खेल रहा था। वह जेसीबी को देखने चला गया। इस दौरान जेसीबी चालक ने आलम से पानी मंगवाया था। आलम चालक को पानी देने के लिए जेसीबी की ओर बढ़ा।
चालक ने पीछे नहीं देखा, जो हादसे का सबब बना। जेसीबी की चपेट में आए आलम ने दर्द से कराहते हुए दम तोड़ दिया। जेसीबी चालक मौके से भाग गया। जानकारी होने पर परिजन रोते बिलखते शव के पास पहुंचे। सूचना मिलने पर सोओ नीलेश मिश्रा और इंस्पेक्टर अरुण कुमार श्रीवास्तव टीम के साथ मौके पर गए। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
आठ बहनों में इकलौता बेटा था आलम
रफीक अहमद और फरजाना की नौ संतान हुईं। आलम आठ बेटियों में इकलौता बेटा था। आलम गांव मसीद के प्राइमरी स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था। परिजनों का लाडला था। भाई की मौत से बहन सना, नाजबीन, महजबीन, सब्बो, नूरी, करीना और अकीना रो-रोकर बेहाल हैं। एक साल की बेटी भी है।
ईद पर अब्बू को अपने हाथों से टोपी पहनाऊंगा : आलम
ईद पर अब्बू को मैं अपने हाथों से टोपी पहनाऊंगा। यह कहने वाला नन्हा आलम दुनिया में नहीं रहा। फरजाना के घर में ईद की खुशियां उस समय गायब हो गईं, जब उन्हें पता लगा कि उनके इकलौते बेटे आलम को जेसीबी ने कुचल दिया। फरजाना ने बताया की ईद को लेकर आलम अपने और अपने पिता रफीक अहमद के लिए बाजार से टोपी खरीद कर लाया था।
अब्बू को खुद पहनाने की बात कही थी। पिता से मिलने ईंट भट्ठे पर जाने से पहले आलम ने मां फरजाना के बालों में कंगी करते हुए कहा था की मां जब मैं बड़ा हो जाऊंगा, तो अब्बू को काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आठ बहनों की शादी की जिम्मेदारी मेरी है। आलम की मौत के बाद मसीत गांव में मातम छा गया। फरजाना सभी बातें याद करते हुए बेहाल हो गई हैं।
समझौते में जुटे लोग, मां ने दी तहरीर
गांव में कुछ लोग जेसीबी चालक और आलम के परिजनों के बीच समझौता कराने को देर रात तक जुटे रहे। लोगों ने बताया कि आलम का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। लेकिन, फरजाना अपने बेटे के लिए इन्साफ की मांग करती रहीं। फरजाना ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग उठाई है।