UP: बरेली में छेड़खानी और महिला उत्पीड़न के मामले बढ़े, जानें बीते पांच वर्षों में हुए अपराधों के आंकड़े
बरेली जिले में छेड़खानी और महिला उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं। हालांकि पुलिस की सख्ती से दूसरे महिला अपराधों में कमी आई है। कई मामलों में पुलिस ने मजबूती पैरवी कर अपराधियों को सजा भी दिलाई।
विस्तार
पुलिस की सख्ती से बरेली जिले में चार साल के अंदर महिला अपराधों में कमी दर्ज की गई है। हालांकि, छेड़खानी और महिला उत्पीड़न के मामले अब भी बढ़े हुए हैं। महिला अपराधों में शामिल अपराधियों को पैरवी कर सजा दिलाने का काम भी पुलिस ने किया जिससे आंकड़ों में सुधार हुआ है।
चार साल की बात की जाए तो जिले में हत्या, अपहरण, दुष्कर्म, शीलभंग और दहेज हत्या जैसे मामलों में कमी दर्ज की गई है। वहीं छेड़खानी जैसे मामले बढ़ गए हैं। वर्ष 2021 में 12 महिलाओं की हत्या हुई थी। 2022 में 17, 2023 में 27, 2024 में 25 महिलाओं की हत्या हुई जबकि 2025 में केवल सात महिलाओं की हत्या हुई है। 2021 में 228 महिलाओं और युवतियों के अपहरण हुए। 2022 में 272, 2023 में 242, 2024 में 259 और 2025 में 194 महिलाओं के अपहरण दर्ज किए गए।
वहीं 2021 में महिलाओं से दुष्कर्म के 19 मामले सामने आए। 2022 में 27, 2023 में 18, 2024 में 19 जबकि 2025 में 14 दुष्कर्म दर्ज किए गए। दहेज हत्या के 2021 में 66, 2022 में 57, 2023 में 50, 2024 में 54 और 2025 में 49 मामले दर्ज हुए। छेड़खानी की 2021 में आठ घटनाएं हुईं जबकि 2024 में 18 व 2025 में 18 छेड़खानी के मामले दर्ज किए गए।
पुलिस ने पैरवी कर दिलाई सजा
महिला अपराध से संबंधित मुकदमों में पुलिस ने पैरवी कर अपराधियों को सजा भी दिलवाई। पुलिस ने 2024 में 128 मुकदमों के 165, 2025 में 132 मुकदमों के 178 और 2026 में 19 मुकदमों के 26 अभियुक्तों को सजा दिलवाई।
महिला अपराध पर रोक लगाना प्राथमिकता : आर्य
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि महिला संबंधी अपराध पर रोक लगाना शासन के साथ ही बरेली पुलिस की भी प्राथमिकता है। सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क खोली गई है। मिशन शक्ति टीम भी मुसीबत में फंसी महिलाओं व बेटियों का सहारा साबित हो रही है। लगभग सभी श्रेणी के महिला अपराध में कमी आई है, स्थिति और बेहतर करने के लिए काम किया जा रहा है।
