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Bareilly News: बल्ब लगाने के लिए ट्रांसफार्मर पर चढ़े संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत
Sat, 01 Aug 2026 02:39 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:39 AM IST
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फतेहगंज पूर्वी। तकनीकी अव्यवस्था और लापरवाही के कारण संविदाकर्मी पंकज मिश्रा (40) की शुक्रवार सुबह करंट लगने से मौत हो गई। निवड़िया गांव के पंकज शुक्रवार सुबह 8:30 बजे जियो टावर के पास लगे ट्रांसफार्मर में बल्ब लगाने के लिए चढ़े थे। 11 केवी की हाईटेंशन लाइन में आए करंट की चपेट में आने से झुलसकर गिर गए। परिजन उनको फरीदपुर सीएचसी लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, पंकज कई साल पहले करंट से झुलसने के कारण शारीरिक रूप से कमजोर हो गए थे। इस कारण अधिकारियों ने उनकी ड्यूटी बिजलीघर पर ही लगाई थी। बृहस्पतिवार रात बिजलीघर में ड्यूटी करने के बाद शुक्रवार सुबह उन्होंने 8:00 बजे वंडिया फीडर की ग्रामीण लाइन को बंद कर दिया। नलकूप लाइन को चालू किया था। बाद में गांव में जियो टावर के पास ट्रांसफार्मर में बल्ब लगाने के लिए चढ़े थे। 11 केवी की हाईटेंशन लाइन में अचानक करंट आ गया। उसकी चपेट में आकर वह झुलसकर गिर गए। सूचना पर परिजन उनको फरीदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पंकज की पत्नी सीमा और दो बेटे समेत पूरे परिवार परिवार में मातम पसरा है।
अधिकारी और परिजनों के दावों में विरोधाभास
हादसे की वजह के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों और परिजनों के दावों में विरोधाभास है। गांव के सुशील शर्मा और पप्पू उपाध्याय समेत परिजनों का आरोप है कि वंडिया फीडर की ट्रॉली नलकूप पांच माह से खराब है। इस कारण रात में ग्रामीण आउटगोइंग मशीन से गांवों के घरों और रास्तों के लिए बिजली चालू की जाती है। दिन में गांवों की बिजली बंद करके उसी मशीन से केवल नलकूपों को बिजली दी जाती है। गांव के किसी व्यक्ति ने नलकूप लाइन से ग्रामीण लाइन में कटिया डाल रखी थी, जिससे बंद लाइन में करंट आ गया। वहीं, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता पवन वर्मा ने बताया कि पंकज ने विधिवत शटडाउन नहीं लिया था। उन्होंने ग्रामीण फीडर बंद किया था लेकिन उसमें एक फेज में सप्लाई चालू रहती है। ध्यान न रहने के कारण वह हादसे का शिकार हुए हैं। पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा और बेटे को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया है।
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नहीं थे सुरक्षा उपकरण : पंकज ने काम करने के दौरान सुरक्षा उपकरण भी नहीं पहने हुए थे। इस लापरवाही और तकनीकी खराबी ने उनकी जान ले ली।
पत्र पर एसडीओ के हस्ताक्षर न होने पर नहीं किया अंतिम संस्कार
एसडीओ ने आश्वासन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए तो पंकज के परिजनों ने पंकज का अंतिम संस्कार नहीं किया। उन्होंने फतेहगंज पूर्वी विद्युत उपकेंद्र जाकर सभी फीडर बंद कर दिए। पुलिस की समझाइश के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। परिजन घर लौट गए।
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परिजनों के मुताबिक, पंकज कई साल पहले करंट से झुलसने के कारण शारीरिक रूप से कमजोर हो गए थे। इस कारण अधिकारियों ने उनकी ड्यूटी बिजलीघर पर ही लगाई थी। बृहस्पतिवार रात बिजलीघर में ड्यूटी करने के बाद शुक्रवार सुबह उन्होंने 8:00 बजे वंडिया फीडर की ग्रामीण लाइन को बंद कर दिया। नलकूप लाइन को चालू किया था। बाद में गांव में जियो टावर के पास ट्रांसफार्मर में बल्ब लगाने के लिए चढ़े थे। 11 केवी की हाईटेंशन लाइन में अचानक करंट आ गया। उसकी चपेट में आकर वह झुलसकर गिर गए। सूचना पर परिजन उनको फरीदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पंकज की पत्नी सीमा और दो बेटे समेत पूरे परिवार परिवार में मातम पसरा है।
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अधिकारी और परिजनों के दावों में विरोधाभास
हादसे की वजह के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों और परिजनों के दावों में विरोधाभास है। गांव के सुशील शर्मा और पप्पू उपाध्याय समेत परिजनों का आरोप है कि वंडिया फीडर की ट्रॉली नलकूप पांच माह से खराब है। इस कारण रात में ग्रामीण आउटगोइंग मशीन से गांवों के घरों और रास्तों के लिए बिजली चालू की जाती है। दिन में गांवों की बिजली बंद करके उसी मशीन से केवल नलकूपों को बिजली दी जाती है। गांव के किसी व्यक्ति ने नलकूप लाइन से ग्रामीण लाइन में कटिया डाल रखी थी, जिससे बंद लाइन में करंट आ गया। वहीं, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता पवन वर्मा ने बताया कि पंकज ने विधिवत शटडाउन नहीं लिया था। उन्होंने ग्रामीण फीडर बंद किया था लेकिन उसमें एक फेज में सप्लाई चालू रहती है। ध्यान न रहने के कारण वह हादसे का शिकार हुए हैं। पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा और बेटे को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया है।
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नहीं थे सुरक्षा उपकरण : पंकज ने काम करने के दौरान सुरक्षा उपकरण भी नहीं पहने हुए थे। इस लापरवाही और तकनीकी खराबी ने उनकी जान ले ली।
पत्र पर एसडीओ के हस्ताक्षर न होने पर नहीं किया अंतिम संस्कार
एसडीओ ने आश्वासन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए तो पंकज के परिजनों ने पंकज का अंतिम संस्कार नहीं किया। उन्होंने फतेहगंज पूर्वी विद्युत उपकेंद्र जाकर सभी फीडर बंद कर दिए। पुलिस की समझाइश के बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। परिजन घर लौट गए।