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भीषण बाढ़ से सबसे ज्यादा धौरहरा, निघासन और पलिया में हुई तबाही
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बेमौसम बारिश में बर्बाद हुई धान की फसल समेटता किसान।
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399 गांव, साढ़े तीन लाख आबादी प्रभावित, 21 हजार लाख की फसलें हुईं चौपट
बाढ़ में फंसकर 16 लोगों की हो चुकी है मौत, आठ लोग अब भी चल रहे हैं लापता
लखीमपुर खीरी। एक सप्ताह पहले बारिश और उसके बाद नदियां उफनाने से आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा धौरहरा तहसील में तबाही मचाई है। वहां अब तक जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। यहां 141 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की 109350 आबादी प्रभावित हुई है, जबकि पलिया और निघासन क्षेत्र में भी बाढ़ ने यहां के लोगों को गहरे जख्म दिए हैं। अब तके जिले भर में बाढ़ से कुल 399 गांवों पर बाढ़ का असर पड़ा है।
जिले में शारदा और घाघरा नदियों के उफनाने से पलिया निघासन और धौरहरा तहसीलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। लखीमपुर और गोला तहसील क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पलिया में शारदा के साथ सुहेली भी किसानों की बर्बादी का कारण बनी तो निघासन तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र में मोहाना और कर्णाली ने भी जनजीवन प्रभावित किया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा छह मौतें धौरहरा तहसील में हुई हैं। यहां के छह लोग अब भी लापता हैं। निघासन में चार, लखीमपुर में तीन, पलिया में दो और गोला में एक मौत हुई हैं।
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लखीमपुर खीरी। एक सप्ताह पहले बारिश और उसके बाद नदियां उफनाने से आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा धौरहरा तहसील में तबाही मचाई है। वहां अब तक जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। यहां 141 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन गांवों की 109350 आबादी प्रभावित हुई है, जबकि पलिया और निघासन क्षेत्र में भी बाढ़ ने यहां के लोगों को गहरे जख्म दिए हैं। अब तके जिले भर में बाढ़ से कुल 399 गांवों पर बाढ़ का असर पड़ा है।
जिले में शारदा और घाघरा नदियों के उफनाने से पलिया निघासन और धौरहरा तहसीलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं। लखीमपुर और गोला तहसील क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। पलिया में शारदा के साथ सुहेली भी किसानों की बर्बादी का कारण बनी तो निघासन तहसील के सीमावर्ती क्षेत्र में मोहाना और कर्णाली ने भी जनजीवन प्रभावित किया है। बाढ़ से सबसे ज्यादा छह मौतें धौरहरा तहसील में हुई हैं। यहां के छह लोग अब भी लापता हैं। निघासन में चार, लखीमपुर में तीन, पलिया में दो और गोला में एक मौत हुई हैं।
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