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Bareilly News: कमजोर पैरवी से अर्बन सीलिंग भूमि का केस हार गया जिला प्रशासन, सपा विधायक बोले- हमारी जीत हुई

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Tue, 21 Apr 2026 03:42 PM IST
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सार

बरेली जिला प्रशासन चर्चित पेट्रोल पंप की अर्बन सीलिंग भूमि का केस सुप्रीम कोर्ट में हार गया है। सपा विधायक शहजिल इस्लाम के पिता इस्लाम साबिर भूमि को अपनी साबित करने में सफल रहे।

District administration loses urban ceiling land case due to weak advocacy in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बरेली में कमजोर पैरवी और कागजों में हुए खेल की वजह से जिला प्रशासन चर्चित पेट्रोल पंप की अर्बन सीलिंग भूमि का केस हार गया। प्रशासन के अधिकारी हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक यह साबित नहीं कर सके कि यह भूमि सीलिंग की है और सपा विधायक शहजिल इस्लाम के पिता इस्लाम साबिर उस भूमि को अपनी बताने में सफल रहे। जबकि इस भूमि पर बने पेट्रोल पंप को बीडीए के ध्वस्त करने के दौरान प्रदेशभर में राजनीति गरमा गई थी।

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यह था मामला 
दरअसल, 2022 में सपा विधायक शहजिल इस्लाम ने पवन विहार में सपा नेता के जन्मदिन के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी की थी, जिसका वीडियो वायरल हो गया था। उसके बाद सपा विधायक चौतरफा घिर गए। शासन के निर्देश पर पूर्व जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने प्रकरण में सीलिंग भूमि की जांच पूर्व एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय को सौंपी थी। एडीएम सिटी ने स्थलीय, अभिलेखीय जांच में भूमि अर्बन सीलिंग की मानी थी, लेकिन भूमि के कागजों में विधायक रहे इस्लाम साबिर का नाम दर्ज मिला।
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जांच में सामने आई थी यह बात 
एडीएम सिटी की अभिलेखीय जांच में यह बात सामने आई थी कि 1979 में तत्कालीन एसडीएम सदर ने जमींदारी विनाश अधिनियम की धारा 229 बी के वर्ग नौ के तहत कार्रवाई थी, जबकि भूमि किसी हसीब नाम के व्यक्ति के नाम थी, मगर उस पर कब्जा इस्लाम साबिर का था। इसी आधार पर एसडीएम ने खतौनी में भूमि इस्लाम साबिर के नाम दर्ज कर दी थी। जब प्रशासन ने पेट्रोल पंप की भूमि सीलिंग की बताई तब यह मामला हाईकोर्ट चला गया था। कई साल मामला कोर्ट में चला लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी भूमि को अर्बन सीलिंग की होने की बात साबित नहीं कर सके। 

लिहाजा, अक्तूबर, 2025 में हाईकोर्ट की डबल बेंच ने भूमि प्रकरण में फैसला इस्लाम साबिर के पक्ष में दे दिया। आदेश की कॉपी मिलने के बाद प्रशासन हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में अपील की। इधर, प्रशासन की कमजोर पैरवी की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण में कुछ दिन पहले की इस्लाम साबिर के पक्ष में फैसला दे दिया। अब प्रशासनिक अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारी कह रहे हैं कि आदेश की समीक्षा कर आगे कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने बताया कि सीलिंग भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से आदेश आया है, उसकी समीक्षा कर आगे कार्रवाई करने का निर्णय लेंगे, सीलिंग भूमि इतनी आसानी से जाने नहीं देंगे। 

सपा विधायक शहजिल इस्लाम ने बताया कि भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से हमारी जीत हुई है, शुरुआत से हम यह कह रहे थे कि यह भूमि अर्बन सीलिंग की नहीं है, अब हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी हमारे पक्ष में निर्णय देकर मुहर लगा दी है। आदेश की कॉपी अभी मिली नहीं है। जल्द भूमि अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया पूरी करेंगे। 

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