फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   eight-week-old fetus was removed from the stomach of three-month-old baby in Bareilly

UP News: तीन माह के बच्चे के पेट से निकला आठ सप्ताह का भ्रूण, बरेली में सामने आया दुर्लभ मामला

Sat, 11 Jul 2026 04:22 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Sat, 11 Jul 2026 04:22 PM IST
सार

Bareilly News: बरेली में एक बेहद दुर्लभ मामला सामने आया है। शहर के एक निजी अस्पताल में तीन माह के बच्चे के पेट से करीब आठ सप्ताह का भ्रूण सर्जरी कर निकाला गया। डॉक्टरों ने इसे 'फीटस इन फीटू' बताया है। यह दुनियाभर में एक दशक में सामने आए तीन सौ मामलों में से एक है। 

विज्ञापन
eight-week-old fetus was removed from the stomach of three-month-old baby in Bareilly
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के रामपुर गार्डन स्थित निजी अस्पताल में सर्जरी कर तीन माह के बच्चे के पेट से करीब आठ सप्ताह का भ्रूण निकाला गया। डॉक्टरों के मुताबिक, इस स्थिति को फीटस इन फीटू कहते हैं। एक दशक में दुनियाभर में तीन सौ ऐसे मामले सामने आए हैं। बरेली में यह दूसरा मामला बताया जा रहा है।

विज्ञापन


शाहजहांपुर के कलान निवासी किसान दुर्गेश और राधा के तीन माह के बेटे मंजेश को दूध पचने में दिक्कत हो रही थी। पेट में छाती के नीचे गांठ महसूस होने पर परिजन जांच के लिए निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जांच में लिवर के नीचे फीटस इन फीटू की पुष्टि हुई। उसमें बाल, हड्डी, अंगुलियां आदि विकसित हो रही थीं। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन से इन्कार कर दिया। तब परिजन बच्चे को लेकर रामपुर गार्डन स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। 
विज्ञापन


पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. राजीव अग्रवाल के मुताबिक, 13 वर्ष पूर्व भी उन्होंने ऐसे मामले की सर्जरी की थी। उसमें भ्रूण पेट के निचले हिस्से में था। पुराने अनुभव के आधार पर उन्होंने हामी भरी। दो घंटे की सर्जरी के बाद भ्रूण निकाला। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जानिए, क्या है फीटस इन फीटू
डॉक्टर ने बताया कि जुड़वां भ्रूण के विकास से जुड़ी दुर्लभ जन्मजात स्थिति को फीटस इन फीटू कहते हैं। पांच लाख जन्मे बच्चों में से एक में ऐसी स्थिति सामने आती है। गर्भावस्था के शुरुआती चरण में जब निषेचित अंडाणु विभाजित होकर जुड़वां बनने की प्रक्रिया में होता है, तब किन्हीं परिस्थितियों में एक भ्रूण दूसरे के भीतर समा जाता है और उसका विकास रुक जाता है। 

दूसरे भ्रूण का विकास होता है। यह स्थिति बच्चियों में पेट के निचले हिस्से में ज्यादा होती है। इस मामले में बच्चा पुरुष है। भ्रूण लिवर के नीचे दाईं ओर (राइट हाइपोकॉन्ड्रियम) मिला, जो अपेक्षाकृत दुर्लभ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed