Bareilly News: आबादी के बीच गड्ढा बना काल, पानी में डूबकर चार साल के बच्चे की मौत, परिवार में मचा कोहराम
मीरगंज क्षेत्र के जौनेर गांव में मंगलवार सुबह पानी से भरे गड्ढे में डूबकर चार साल के बच्चे की मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि आबादी और मुख्य सड़क के पास करीब 10 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया, जहां खेलते समय मासूम गिर गया और उसकी जान चली गई।
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बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के जौनेर गांव में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। आबादी और मुख्य सड़क के बिल्कुल पास बने लगभग 10 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में डूबकर चार साल अलीम की मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की।
परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे अलीम घर के बाहर खेलते-खेलते निकल गया। काफी देर तक जब वह दिखाई नहीं दिया तो मां फिजा और परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। देखते ही देखते पूरा गांव खोजबीन में जुट गया। काफी देर बाद गांव के पास बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में मासूम का शव उतराता दिखाई दिया। मासूम का शव देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
गड्ढे में भरा है बारिश का पानी
ग्रामीणों का कहना है कि जिस गड्ढे में मासूम डूबा, वह आबादी के बिल्कुल पास और मुख्य सड़क के किनारे स्थित है। गांव के बच्चे रोजाना उसी स्थान के आसपास खेलते हैं। हाल की बारिश के बाद गड्ढा पूरी तरह पानी से भर गया और उसके ऊपर प्लास्टिक, पॉलीथीन व अन्य कचरा जमा होने के कारण उसकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल था।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गड्ढे के चारों ओर न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि आबादी और सड़क के पास होने के बावजूद इस खुले गड्ढे को ऐसे ही छोड़ दिया गया, जिससे यह बच्चे के लिए मौत का कारण बन गया।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम की मां फिजा का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं। अलीम आंगनवाड़ी में पढ़ता था। उसके पिता आलम दिल्ली में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही वह दिल्ली से गांव के लिए रवाना हो गए, लेकिन समाचार लिखे जाने तक घर नहीं पहुंच सके थे।
घटना के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने मौके पर एकत्र होकर ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आबादी के पास बने इस गहरे गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा के इंतजाम किए गए होते तो मासूम अलीम की जान बच सकती थी।
ग्राम प्रधान मुनेद्र शर्मा ने बताया कि गांव से घूरे हटाए गए थे। कुछ घरों का पानी सड़क पर आ रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए पानी निकासी के लिए गड्ढा खुदवाया गया था। उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है।